गांव से शहर बनने की है अब दरकार
कोलूखेड़ी से शुरू होती है भोपाल नगर निगम की सीमा। यह वह गांव है जो मौजूदा नगर निगम परिषद के चुनाव से पहले ही नगर निगम की शहरी सीमा में शामिल हुआ है और वार्ड तीन का हिस्सा है। कच्चे-पक्के मकानों की बसाहट वाले इस इलाके को शहरी विकास की जरूरत है। 3500 की आबादी वाला यह इलाका कोलूखेड़ी पंचायत का हिस्सा था। अब जोन एक हिरदाराम नगर के वार्ड भौरी में आता है। निगम की सीमा भले ही इस गांव से शुरू होती हो, लेकिन यहां भोपाल नगर निगम सीमा के आपका स्वागत है वाले बोर्ड लगने का अभी इंतजार है। विकास के नजरिये से देखें तो इस इलाके को समग्र विकास की जरूरत है।
बोरिंग से पानी
गांव की बोरिंग व्यवस्था के भरोसे है पानी की उपलब्धता। नल-जल योजना से पानी की व्यवस्था की जानी है, जिसके लिए निगम में प्रक्रिया चल रही है। गर्मियों के दिनों में बोरिंग सूखने पर पानी की समस्या यहां विकराल रूप ले लेती है। निगम सीमा में शामिल होने के बाद से इस गांव की जमीन पर कॉलोनाइजर्स की निगाह लगी हुई है। यहां अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं। भले वह आगे चलकर समस्या बने।
जगह-जगह है अतिक्रमण
गांव का कब्रिस्तान, विश्रामघाट और खेल मैदान पर कब्जा है। स्थानीय पार्षद अशोक मारन भी मानते हैं, विश्रामघाट और कब्रिस्तान का सीमांकन होने की जरूरत है। दोनों ही स्थानों पर हुए अतिक्रमण को हटाकर विकास की जरूरत है। खेल मैदान पर कब्जे की स्थिति है। चूंकि अभी तक यह इलाका ग्रामीण व्यवस्था में आता था, इसलिए नगर निगम को इस गांव के विकास पर खास ध्यान देने की जरूरत है। अभी यहां शहर की भांति मूलभूत सुवधाओं की उपलब्धता नहीं है। यही कारण है कि लाेग सुविधाएं मुहैया कराने की गुहार लगा रहे हैं।
कॉलोनी विजिट कोलूखेड़ी
तो सालों लग जाएंग
कोलूखेड़ी को शहर बनने में तो सालों लग जाएंगे। पानी, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को तत्काल उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। गंदगी तो इस इलाके की पहचान है। -महेश विश्वकर्मा, रहवासी
विकास किया जाना चाहिए
खुशी है कोलूखेड़ी भोपाल ननि में आने से शहरी क्षेत्र में गिना जाने लगा है। प्राथमिकता के आधार पर इलाके का विकास किया जाना चाहिए। -मनोहर प्रजापति, रहवासी
चौतरफा गंदगी ही गंदगी
ग्रामीण इलाका होने से गंदगी की समस्या बनी हुई है। निगम की सफाई व्यवस्था नजर नहीं आती। व्यवस्थित पानी की निकासी कहीं नहीं है। कचरे के ढेर लगे हुए हैं, कंटेनर की व्यवस्था भी नहीं है। कभी-कभार या विशेष सफाई अभियान के दौरान ही यहां सफाई की गई थी। जहां जिसकी मर्जी होती है वहां कचरा डाल देता है।
काेलूखेड़ी क्षेत्र की सड़कें इसी तरह जर्जर हाल हैं।