समस्याओं को लेकर चक्कर काट रहे बुजुर्ग
गौतम नगर व रचना नगर के नजदीक होने के बाद भी शांति निकेतन कॉलोनी में समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। समस्या इस बात की है कि वर्ष 1990 में अधिकारियों को आवास सुविधा मुहैया कराने के लिए बनी इस कॉलोनी को आज तक नगर निगम को हस्तांतरित नहीं किया जा सका। समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस समस्या को लेकर 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग नगर निगम के चक्कर लगाते हुए थक गए हैं। वर्ष 1995 से हस्तांतरण के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन आज तक इनका जबाव नहीं मिला। कॉलोनी में दो पार्क हैं, जिनका विकास विभिन्न निधियों से काफी धीमी गति से चल रहा है। कॉलोनी के रहवासी एमसी अग्रवाल, आरसी कालरा व सीपी देशमुख के अनुसार कॉलोनी में स्लम एरिया के लिए जगह छोड़ी गई, लेकिन उसका भी लीज रेंट कॉलोनी के रहवासियों से मांगा गया है। नारे की दीवार गिर गई और नर्मदा जल का कनेक्शन होने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है।