पानी के लिए निजी टैंकरों के भरोसे
रचना नगर के पास भारती निकेतन कॉलोनी 25 साल पहले बनी थी, लेकिन आज भी यहां पानी की परेशानी बनी हुई हैा। कुछ मकानों में ट्यूबवेल हैं। बाकी मकान मालिक टैंकर के भरोसे हैं। कॉलोनी के किनारे नाला बहता है, जिसके पास सीवेज की पाइप लाइन टूटी पड़ी है। इस कॉलोनी का निर्माण भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति ने करवाया था।
पानी के लिए यहां ओवरहेड और संप टैंक बने होने के साथ ही पाइप लाइन भी बिछी है। 5 साल पहले तक रहवासी समिति किसी तरह पानी की व्यवस्था कर लेती थी। अब रहवासी समिति भंग हो चुकी है।
गंदगी सबसे बड़ी समस्या
विधायक विश्वास सारंग के सहयोग से यहां सड़कें बन गईं। साथ ही पूर्व पार्षदों ने भी अपने कार्यकाल में सहयोग दिया। वर्तमान पार्षद भी ध्यान देती हैं, लेकिन नगर निगम के सफाई कर्मचारी नहीं आते, गंदगी बढ़ती जा रही है। नाले के किनारे कचरे का ढेर लग रहा है। तीन माह से सीवेज की लाइन टूटी है। इस बारे में नगर निगम में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नगर निगम अगर इस कॉलोनी में पानी की व्यवस्था संभाले तो सभी सहयोग देंगे। नगर निगम को इसमें कोई अतिरिक्त खर्च भी नहीं करना है। -बीके दवे, रहवासी
पहली कॉलोनी है जहां हर घर में ट्यूबवेल हैं। साफ-सफाई व मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जबकि यहां हर व्यक्ति संपत्तिकर देता है। सुधार होना चाहिए। -राजेंद्र सिंह यादव, रहवासी
निर्माण वर्ष
1992
मकानों की संख्या
421
खाली प्लाॅट
20
आबादी
5000
कॉलोनी विजिट
भारती निकेतन