बीमा निगम के अस्पतालों में अब तैनात हो सकेंगे राज्य के कर्मचारी
भोपाल/इंदौर डीबी स्टार
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने पिछले नवंबर में देश में बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिए नया ढांचा तैयार किया था। इसके मुताबिक सहयोगी कॉर्पोरेशन अथवा सोसायटी के रूप में हर राज्य में वित्त सहित सभी प्रशासकीय अधिकार वाली स्वायत्त इकाई गठित होना है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद पहले दो
वर्षों तक सभी बीमा अस्पतालों के लिए फंडिंग का इंतजाम
निगम करेगा। इसके बाद अस्पताल के संचालन के लिए 90 फीसदी राशि निगम देगा और शेष 10 फीसदी राज्य सरकार मुहैया कराएगी। इस संबंध में प्रदेश के श्रम विभाग के प्रमुख सचिव ने बीमा निगम के महानिदेशक को पत्र लिखा है। 22 जनवरी को भेजे पत्र में प्रदेश में स्टेट इंश्योरेंस सोसायटी बनाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है।
गौरतलब है कि इसके लिए प्रस्तावित गवर्निंग बॉडी में मुख्य सचिव अध्यक्ष और प्रमुख सचिव श्रम को सीईओ का जिम्मा सौंपा जाएगा। प्रस्ताव में वरिष्ठ राज्य चिकित्सा आयुक्त (एसएसएमसी) को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा राज्य शासन के कर्मचारी, चिकित्सक और अन्य स्टाफ को निगम में प्रतिनियुक्ति पर भेजने को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
निगम ही वहन करेगा नई व्यवस्था का सारा खर्च
प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को कॉर्पोरेशन में भेजने पर भले ही राजी हो, लेकिन उसका कहना है कि नई व्यवस्था को तैयार करने में सारा खर्च कॉर्पोरेशन को ही उठाना होगा। बीमा अस्पतालों में प्रतिनियुक्ति पर जो कर्मचारी भेजे जाएंगे, उन्हें वेतन और भत्ते केंद्र के नियमानुसार मिलेंगे। यही वजह है कि इस काम की जिम्मेदारी राज्य शासन नहीं उठाना चाहता है।
नई व्यवस्था से मरीजों को फायदा
प्रमुख सचिव ने कॉर्पोरेशन को 22 जनवरी को पत्र लिखा है। मामला प्रक्रिया में है, फैसला महानिदेशक ही करेंगे। नई व्यवस्था से मरीजों को फायदा होगा। इससे निगम को उनके हित में निर्णय लेने में आसानी होगी।  डॉ. नीता कछवाहा, वरिष्ठ राज्य चिकित्सा आयुक्त, मप्र
आगे की व्यवस्था का फैसला कॉर्पोरेशन तय करेगा
राज्य शासन से ईएसआईसी को पत्र भेजा है। इसमें कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समेत कई अन्य मुद्दों पर सहमति दी गई है। अब व्यवस्था किस रूप में आगे बढ़ेगी, यह कॉर्पोरेशन के स्तर पर तय होगा। अगर राज्य शासन के कर्मचारी और डॉक्टर कॉर्पोरेशन में प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे तो इससे श्रमिकों का फायदा ही होगा।  डॉ. बीएल बंगेरिया, संचालक, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं, मप्र
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फाइल फोटो
श्रम विभाग का पत्र जिसमें ईएसआईएस में कार्यरत राज्य शासन के कर्मचारियों को अब प्रतिनियुक्ति पर ईएसआईसी में सेवाएं देने की मंजूरी दी है।
प्रतिनियुक्ति आदेश की प्रति
कर्मचारियों को राहत
इसलिए हो रहा है बदलाव