पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

साल बीता, नहीं हुआ कुछ खास

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोलार के अंतर्गत आने वाले वार्ड के जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ खास नहीं किया। उपनगर की जनता को बुनियादी सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। जबकि जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल 16 फरवरी को एक साल पूरा होने जा रहा है। जब इस संबंध में दैनिक भास्कर ने लोगों से जाना कि क्या आप अपने वार्ड पार्षद के काम से संतुष्ट हैं, तो उनका जवाब था नहीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनप्रतिनिधियों ने अपने वार्ड में विकास कार्य क्या कराए होंगे।

लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए भले ही कोलार के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उस रकम से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। जनता की जनप्रतिनिधियों के लिए राय है कि वह पहले वार्ड की समस्याओं का समाधान करवाएं उसके बाद अन्य कार्य की तरफ ध्यान दें।

सालभर में 10 करोड़ 60 लाख के काम किए गए हैं। विकास कार्य जारी रहेंगे। -रविन्द यति ,पार्षद 80

सालभर में 33 लाख के काम हुए हैं। मुख्य समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा। -मंजीत मारण,पार्षद 84

सालभर में वार्ड के अंदर सवा करोड़ के काम हुए हैं। राजहर्ष में सीवेज नेटवर्क डाला जा चुका है। -मनफूल मीना,पार्षद 83

5 करोड़ 22 लाख 19 हजार रुपए के काम हुए। मुख्य समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा -पवन बोराना,पार्षद 81

एक करोड़ के काम वार्ड में होना है। इसमें लगभग 70 लाख के नाम कुछ चल रहे हैं और कुछ हो चुके हैं। -भूपेंद्र माली, पार्षद 82

वार्ड क्रमांक 81
वार्ड 81 में ढेरों समस्या व्याप्त हैं। ननि में शामिल होने के बाद वार्ड में कई बड़े काम नहीं हुए है। वार्ड पानी के अलावा यहां सड़कों का नामोनिशान नहीं है। जर्जर सड़कें इस वार्ड की एक पहचान है। सबसे ज्यादा इस वार्ड के रहवासी सड़क के निर्माण की मांग करते हैं। नपा के कार्यकाल के दौरान कुछ कॉलोनियों में डामरीकरण किया गया। इक्का-दुक्का सीसी रोड बनी है।

वार्ड क्रमांक 82
वार्ड 82 में कई समस्या हैं। ननि में शामिल होने के बाद वार्ड की कई कॉलोनियों विकास कार्य किए गए हैं। किंतु बड़ी समस्याओं की ओर पूरी तरह से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उक्त वार्ड में पानी के बाद सीवेज नेटवर्क, जर्जर सड़कें और नियमित साफ-सफाई के लिए यहां के नागरिक परेशान होते हैं। नपा ने यहां कई काम करवाए हैं, उनका मेंटेनेंस नहीं होने से समस्या बनी हुई है।

वार्ड क्रमांक 80
कोलार की अधिकांश पॉश कॉलोनियां वार्ड 80 में आती हैं। इन कॉलोनियों में सब कुछ ठीक है, किंतु एक बड़ी समस्या के कारण यहां के लोग परेशान हैं। ननि में शामिल होने के बाद वार्ड में इक्का-दुक्का विकास कार्य हुए हैं। पानी के बाद वार्ड में सीवेज नेटवर्क की सबसे बड़ी दिक्कत है। लोगों का कहना है कि इस वार्ड में सबसे पहले सीवेज नेटवर्क डाला जाए। इस वार्ड की इस बड़ी समस्या के समाधान की ओर अब तक कोई कारागार प्रयास नहीं किया गया है।

वार्ड क्रमांक 83
नगर निगम का वार्ड 83 विकास के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। ननि में शामिल होने के बाद कुछ विकास कार्य हुए हैं। लेकिन वह कार्य वार्ड की आबादी के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। उक्त वार्ड में भी पानी के बाद सीवेज नेटवर्क और जर्जर सड़कें, नियमित साफ-सफाई को लेकर नागरिक परेशान होते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वार्ड में विकास की बहुत जरूरत है। नपा के समय में भी आधे अधूरे काम हुए हैं। इस वजह से वार्ड अन्य वार्ड से पिछड़ा हुआ है।

वार्ड क्रमांक 84
वार्ड 84 का आधा भाग कोलार में है। ननि में शामिल होने के बाद कई काम के लिए फाइलें बनी है, किंतु बड़ी समस्याएं आज भी वहीं की वहीं है। वार्ड में पानी के अलावा सीवेज नेटवर्क, जर्जर सड़कें और साफ-सफाई नागरिकों की परेशानी की एक वजह है।

खबरें और भी हैं...