सभी अंदरूनी इलाकों में चले मैजिक
तीन दर्जन कॉलोनियों के नागरिक हो रहे प्रभावित, मैजिक चलाने की उठ रही मांग
डिमांड
शहर को स्मार्ट सिटी बनने के लिए कवायद की जा रही है। कोलार अब तक पिछड़ा हुआ है। नगर वाहन सेवा तक यहां के नागरिकों को नहीं मिल रही है। पांच-पांच किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद मुसाफिर मुख्य मार्ग पर आकर बस पकड़ते हैं। इस समस्या से आम आदमी अधिक प्रभावित हंै। इसमें बच्चे, महिलांए और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। नयापुरा स्थित राजहर्ष के अंदर बनी ढेरों कॉलोनियों के हजारों लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं। इनकी मांग है कि कम से कम राजहर्ष के अंदर बनी दर्जनों कॉलोनियों में मैजिक वाहन चलाया जाए। इससे लोगों की समस्या समाप्त हो जाएगी। यदि वाहन चलवाने में कोई दिक्कत आ रही है तो निर्धारित समय पर मैजिक वाहन की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सताने लगती है चिंता
घर से निकलते ही हर व्यक्ति को यह चिंता सताने लगती है कि वह अपने गंतव्य स्थान तक कैसे और कितनी आसानी से पहुंच पाएगा? कोलार क्षेत्र में मिनी बस मैजिक सहित अन्य आवागमन के संसाधनों के अभाव में कोलारवासियों की यह सबसे बड़ी समस्या बन गई है। कोलार की लगभग तीन दर्जन कॉलोनियां मुख्य मार्ग से पांच से सात किलोमीटर की दूर हैं।
महिलाओं को दिक्कत होती है। उनके पास बस स्टॉप तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं होता है। पैदल चलकर बस स्टॉप जाना पड़ता है। इस समस्या से बच्चे और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -हंसमती अहिरवार, शकुंलता नगर
छात्र शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पढ़ने जाते हैं। इन्हें हर रोज यह रास्ता या तो पैदल तय करना होता है या फिर किसी से लिफ्ट लेकर काम चलाते हैं, जिससे कई बार कॅालेज में देरी से पहुंच पाते हैं। ऐसा कामकाजी लोगों के साथ भी अक्सर होता है। -ब्रिज लाल साहू, राजहर्ष
राजहर्ष का मुख्य मार्ग जहां मैजिक चलाई जाने की मांग की जा रही है।