नहीं सुधरी लाइट सड़कों पर अंधेरा
राजहर्ष एफ सेक्टर के करीब सौ परिवार कई सालों से मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज हैं। कॉलोनी में न तो सड़कों का निर्माण कराया गया है और न ही स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। ऐसे में रहवासी परेशान हैं। करीब दो दशक पहले राजहर्ष कॉलोनी के निर्माण के समय राजहर्ष एफ सेक्टर में प्लॉट काटे गए थे। उस समय लोगों ने इस भरोसे में प्लॉट खरीदे थे कि बसाहट होने के बाद कॉलोनी में एक घरौंदा बनाएंगे। कुछ साल में बसाहट बढ़ी। प्लॉट की जगह मकान बन गए। देखते ही देखते सौ परिवार रहने लगे, मगर उनका सपना उस वक्त टूट गया जब कॉलोनी में मकान बनने के बाद सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिला। हालत यह है कि कॉलोनी में बिजली के पोल हैं पर उन पर स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। रात के वक्त सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। लोगों को घर पहुंचने में डर लगता है। पार्क व सामुदायिक भवन की तो बात बहुत दूर है।
सुविधाओं
का अभाव
पार्क नहीं कॉलोनी के अंदर
100 मकान कॉलोनी में
शिकायतों पर नहीं सुनवाई
450 आबादी कॉलोनी की
2000 निर्माण वर्ष
कॉलोनी विजिट राजहर्ष एफ सेक्टर
सड़क, स्ट्रीट लाइट तो बहुत दूर की बात हैं कभी झाड़ू तक नहीं लगती है। नगर निगम के किसी अफसर ने कॉलोनी का निरीक्षण तक नहीं किया है। -दुर्गा निनावे, रहवासी
रहवासियों ने ज्ञापन के माध्यम से ननि प्रशासन को कॉलोनी की समस्याओं से अवगत कराया। परंतु कोई जवाब नहीं मिला। अब रहवासी आखिर किसके पास जाएं। इससे रहवासी निराश हाे चुके हैं। -विनोद खरे, रहवासी
बुलाने पड़ रहे निजी टैंकर
कॉलोनी में पानी सप्लाई के इंतजाम नहीं होने के कारण हर घर में बोर से पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन गर्मी में भू-जल स्तर नीचे चला जाता है। बोर से पानी कम मात्रा में मिलता है। रहवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इससे पानी के लिए रहवासी निजी टैंकर मांगा कर काम चला रहे हैं। गर्मी के दिनों में पैसे देकर भी पानी की व्यवस्था आसानी से नहीं हो पाती है। अक्सर लोगों को पानी के लिए परेशान होते हुए देखा जाता है।
कॉलोनी की जर्जर सड़क से रहवासी परेशान हो रहे हैं।
कॉलोनी में स्थित स्ट्रीट लाइट के अधिकांश पोल पर लगी लाइट बंद रहती है। लोगों का कहना है कि बंद स्ट्रीट लाइटों को लंबे समय से नहीं सुधारा गया है। इसके चलते शाम के बाद कॉलोनी में अंधेरा पसर जाता है। रात में घर लौटने वालों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत की जा चुकी है कि लाइट बदली जाए, लेकिन नगर निगम के विद्यृत शाखा के अफसर लोगों की सुन नहीं रहे हैं। इधर उपायुक्त कार्यालय में वरिष्ठ अफसर बैठते नहीं है, इनसे शिकायत करने के लिए माता मंदिर कार्यालय जाना पड़ता है। इसका फायदा जोन के अफसर उठा रहे हैं। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।