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बाल कैबिनेट के प्रस्ताव मंजूरी के बाद भी अटके

5 वर्ष पहले
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बरखेड़ी स्थित सरकारी रशीदिया स्कूल में करीब दो साल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाल स्वच्छता अभियान के शुभारंभ अवसर पर स्कूल की बाल कैबिनेट के प्रस्ताव तत्काल मौके पर ही ये कहते हुए मंजूर किए थे कि जब बाल कैबिनेट ने प्रस्ताव की मंजूरी दे दी तो हमारी कैबिनेट ने भी दे दी। इसके बाद भी यहां सुधार कार्य शुरू नहीं हुए। ये स्कूल करीब 100 साल पुराना है। यहां सीएम ने नया सर्वसुविधायुक्त भवन बनाने की घोषणा की थी। इसके अलावा शहर भर के करीब 44 स्कूलों की बाल कैबिनेट ने शिक्षा विभाग को सुधार कार्यों से संबंधित प्रस्ताव भेजे थे, जिन पर विभाग अमल की योजना नहीं बना सका। लिहाजा पुराने शहर के अधिकांश स्कूल अव्यवस्थाओं से घिरे हैं।

जानकारी के अनुसार आरिफ नगर, भानपुर, अस्सी फिट रोड, जहांगीरिया, हमीदिया, गिन्नौरी सहित ऐसे कई सरकारी स्कूल हैं जो ऐतिहासिक भवन में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में सुरक्षा, सफाई व्यवस्था में खामियों पर जोर देते हुए बाल कैबिनेट ने प्रस्ताव तैयार कर शिक्षा विभाग को भेजे थे। रशीदिया स्कूल और आरिफ नगर स्कूलों में तो गंदगी का आलम है। यहां विद्यार्थियों को पीने के पानी तक नहीं मिलता। सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कई जगह बिजली की परेशानी है।

छह माह का दिलाया था भरोसा
तत्कालीन शिक्षा अधिकारी केपीएस तोमर ने बाल कैबिनेट के प्रस्तावों पर अधिकारियों से चर्चा कर विकास कार्य कराने का भरोसा तो दिलाया था, लेकिन मामला अटका गया। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं पूरे तौर पर बेहतर करने में छह माह का समय लगने की बात कही थी।

सरकारी स्कूलों में सुधार के काम चल रहे हैं। पुराने शहर में दो नए भवनों का लोकार्पण हो चुका है। जल्द ही अन्य स्कूल भी सर्वसुविधायुक्त होंगे। _दीपक जोशी, शिक्षा मंत्री

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