विश्वविद्यालयों में पीएचडी का पूरा साल ही जीरो ईयर
राजधानी के चार विश्वविद्यालयों में बीता पूरा एक साल पीएचडी के लिहाज से जीरो ईयर हो गया है। बरकतउल्ला विवि, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि और नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में सत्र 2015-16 में पीएचडी के लिए एक भी नया एडमिशन नहीं हुआ। जो छात्र पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम पास कर चुके हैं, उनका पूरा साल समय पर कोर्स वर्क नहीं कराने के कारण बर्बाद हो गया है। इसका कारण विश्वविद्यालयों का ढुलमुल रवैया, नियमों में उलझन और सख्ती है। बीयू और आरजीपीवी जहां पुराने एंट्रेंस एग्जाम में पास छात्रों का काेर्स वर्क पूरा नहीं करा पाए, वहीं हिंदी विवि की पीएचडी नियम स्पष्ट नहीं होने के कारण अटक गई है।
जबकि एनएलआईयू द्वारा पीएचडी के लिए आयोजित अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में एक भी छात्र पास नहीं हो सका है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों की कोर्स वर्क की परीक्षा हो चुकी है उनकी आरडीसी की प्रक्रिया अगले दस से पंद्रह दिनों में शुरू कर दी जाएगी। सत्र 2015-16 के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है।’ - डॉ. संजीव शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार अकादमिक आरजीपीवी