एक सप्ताह के भीतर तीन नवजात पहुंचे मातृछाया
एक सप्ताह में तीन बच्चे मातृछाया की शिशुगृह पहुंचे। दो बच्चियां शिशुगृह के बाहर लगे पालने में मिलीं। एक बच्चा गांधीनगर पुलिस को लावारिस स्थिति में मिला था जिसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया था। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्चे को मातृछाया भेज दिया गया।
मातृछाया प्रभारी अमिता जैन के अनुसार बच्चियों को छोड़ने वाले व्यक्ति ने इस बात का ख्याल रखा कि उन्हें ठंड न लग जाए। उन्हें बच्चों के कंबल में लपेटकर छोड़ा गया था। उनके पास दूध की बॉटल, पहनने के नए कपड़े और दूध पावडर व पौष्टिक आहार का डिब्बा मिला। दोनों को रात में छोड़ा गया था। सुबह पांच बजे स्टाफ ने बच्चे की रोने की आवाज सुनी तो उन्हें अंदर किया गया। उन्होंने बताया कि एक नवजात बालक हमीदिया अस्पताल से मातृछाया भेजा गया था। सभी बच्चों का स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जहां से बच्चों को संस्था में रखने की अनुमति मिल गई है।
बालिकाएं कम, बालक ज्यादा
शिशु गृह में इस समय 13 बच्चे हैं। इनमें से 5 लड़कियां और 8 लड़के हैं। इनकी उम्र 5 दिन से लेकर छह साल तक है। संस्था में आए नवजात शिशुओं का 21 फरवरी को नामकरण किया जाएगा। वहीं स्कूल जाने योग्य बच्चों का पाटी संस्कार किया जाएगा।