टीन एजर्स को गुमराह होने से बचा रहा ‘साथिया सलाह’ मोबाइल एप
उलझन सुलझाने वाला एप
काउंसलिंग में बताई अाप बीती
नेशनल हेल्थ मिशन ने फीडबैक को देखकर 11 जिलों में किया लॉन्च
पिछले दो माह में 20 टीन एजर को साथिया सलाह एप ने गुमराह होने से बचाया है। यह स्थिति तब है जब इस एप का सरकार ने कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया है। नेशनल हेल्थ मिशन के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. दिलीप कुमार हेड़ऊ ने बताया कि इस एप के फीड बैक को देखते हुए 11 जिलों में 8888 साथिया कोआर्डिनेटर तैयार किए जा रहे है। जो टीन एजर की समस्याओं का निदान करेंगे। ये 10 से 19 साल के बच्चों की काउंसलिंग करेंगे। साथ ही इनकी समस्याओं का डाटा एकत्र कर विश्लेषण करेंगे।
ग्रामीण हेल्थ मिशन ने टीन एजर के मन की उलझनों को सुलझाने के लिए 20 नवंबर को साथिया एप लांच किया है। एप में टीन एजर में होने वाले शारीरिक बदलाव, मानसिक स्थिति, भावनात्मक परिवर्तन, त्वचा संबंधी समस्या, पोषण आहार, यौन संबंधी, नशा, अधिकार और योजना अौर जीवन कौशल संबंधी प्रश्नों के समाधान दिए गए हैं। इससे हेल्पलाइन नंबर 18002331250 को लिंक किया है। टीन एजर समस्या का समाधान काउंसलिंग सेंटर के माध्यम से कर सकते हैं। इस एप को अब तक 5 सौ लोगों ने डाउनलोड किया है। इस एप की रेटिंग 4.7 है।
सबसे बड़ी समस्या
चिड़चिड़ापन, धैर्य एवं पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, दोस्तों, भाई-बहनों के साथ झगड़ा करना, ज्यादा वक्त घर के बाहर गुजारना, डिप्रेशन, बार-बार बीमार पड़ना, कहना न मानना, बहस करना, झूठ बोलना, बात करने में झिझकना, परिजनों से बात करने में कतराना, छोटी छोटी बातों में घबरा जाना।
ऐसी भी आ रही शिकायतें
मम्मी-पापा हमें समझते नहीं है। अपने मन की बात कहने तक से डर लगता है। मन में सुसाइड के विचार आते हैं। कभी लगता है कि किसी को मार डालें। माता-पिता छोटी-छोटी बातों पर डांटते हैं। बात-बात पर शक करते हैं। उनके पास टाइम नहीं है। माता-पिता सिर्फ पढ़ाई के बारे में या करिअर के बारे ही बात करते हैं।
केस-2
केस-1
डॉक्टर से शादी नहीं हुई तो आत्महत्या कर लूंगी
बारहवीं की छात्रा रिनी ने साथिया सलाह एप के लिंक से जुड़े काउंसलर को आप बीती सुनाई कि एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान वहीं के एक डाॅक्टर से प्यार हो गया। डाॅक्टर ने भी उसे भ्रम में रखा। शादी की बात की तो पता चला कि वह शादीशुदा है। अब तो वह बात नहीं करता। तब से ही छात्रा डिप्रेशन में है। आत्महत्या करना चाहती है। माता-पिता को भी नहीं बता सकती। छात्रा की काउंसलिंग जा रही है। पांच बार काउंसलिंग हो चुकी है।
दो बार हत्या करने की योजना बना डाली थी
सौरभ, उम्र 15 साल। साथिया सलाह एप के बारे में सुना तो डाउनलोड कर लिया। एप के लिंक पर उलझन शेयर की। 18 साल की लड़की से दिल लगा बैठे। अब वह बात भी नहीं करती। उससे बदला लेने का मन हुआ। दो बार उसकी हत्या करने की योजना बना डाली। कोशिश भी की पर सफल नहीं हुआ। साथिया सलाह एप के लिंक से जुड़े काउंसलर ने जब स्कूली छात्र की यह हालत जानी तो हैरानी हुई। उसकी 13 काउंसलिंग हो चुकी हैं। वह अब परीक्षा की तैयारी कर रहा है।