राजगढ़ से ट्रेन से आते और बाइक चुराकर ले जाते थे, तीन गिरफ्तार
संयोगितागंज पुलिस ने दो पहिया वाहन चुराने वाले राजगढ़ के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। वे ट्रेन से सुबह इंदौर आते थे और दिन में गाड़ी चुराकर ले जाते थे। पुलिस ने रंगेहाथ घेराबंदी कर उन्हें दबोचा तो 35 घटनाओं का खुलासा हो गया। उनसे अभी तक 35 बाइक जब्त की जा चुकी हैं। आरोपियों से वाहन चोरी की और घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।
एएसपी बिट्टू सहगल ने बताया दवा बाजार से लगभग हर दिन एक बाइक चोरी हो रही थी। इसे देखते हुए संयोगितागंज थाने के प्रभारी टीआई ओंकारसिंह भदौरिया ने यहां पर सिविल ड्रेस में जवान तैनात किए। यहां पर तीन युवक बिना नंबर की बाइक पर नजर आए तो उन्हें पकड़ लिया। उनके नाम अनवर पिता हसीब खान, जितेंद्र पिता घीसालाल और जीतू उर्फ जीतमल पिता शिवनारायण दांगी निवासी राजगढ़ पता चले। उनके पास बाइक के कागजात नहीं थे। यह बाइक उन्होंने दवा बाजार से चुराई थी और नंबर प्लेट निकाल दी थी। इस आधार पर तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसमें उनसे दवा बाजार के अलावा तुकोगंज, खजराना, पलासिया, आजाद नगर और भोपाल से चुराई गई गाड़ियों की जानकारी मिलना शुरू हुई। पुलिस ने उनसे चुराए गए वाहनों में 35 बाइक वाहन जब्त की हैं। यह गाड़ियां उन्होंने शहर के व्यस्ततम इलाकों में छिपाई थी और कुछ पार्किंग में रख दी थी।
60 हजार की गाड़ी बेच देते थे 10 हजार में
बदमाशों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे रात को ओवरनाइट एक्सप्रेस से इंदौर आ जाते थे। यहां आने के बाद वे दिन में भीड़भरे इलाकों से गाड़ी चुरा लेते थे। यह गाड़ियां लेकर वे व्हाइट चर्च होकर पीपल्याहाना से बायपास होकर राजगढ़ ले जाते थे। वहां पर 5-10 हजार में इन्हें बेच देते थे। ज्यादातर गाड़ियों के कागज उन्हें टूल बॉक्स में ही मिल जाते थे।
गाड़ियां ली, लेकिन खरीदार नहीं पकड़े
पुलिस ने कुछ वाहन राजगढ़ से भी जब्त किए, लेकिन उनके खरीदारों को नहीं पकड़ा। प्रभारी टीआई ने बताया पुलिस को वाहन ही बड़ी मुश्किल से मिले हैं। वहां के लोग अक्सर चोरी की गाड़ी के साथ पकड़े जाते हैं तो गाड़ी और घर छोड़कर भाग जाते हैं।