मैनिट की छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी
मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) के हॉस्टल में बुधवार सुबह इंजीनियरिंग की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। विशाखापट्टनम की रहने वाली यह छात्रा अक्सर अपने परिवार को याद करती थी। सुसाइड नोट में भी उसने इसी बात को खुदकुशी की वजह बताया है। हालांकि, कमला नगर पुलिस खुदकुशी की असल वजह तलाश रही है।
मल्ला वेंकटेश साईं पल्लवी मैनिट में इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) तृतीय वर्ष की छात्रा थी। 20 वर्षीय पल्लवी के पिता एमवी अप्पाराव विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में डिप्टी मैनेजर हैं। मैनिट के कल्पना चावला गर्ल्स हॉस्टल नंबर सात के रूम नंबर ई 70011 में नवीना के साथ रहती थी। बुधवार सुबह करीब नौ बजे नवीना कैंटीन से नाश्ता लाई और पल्लवी को दिया। इसके बाद वह पल्लवी को रूम पर छोड़कर कॉलेज चली गई। दोपहर करीब सवा 12 बजे पड़ोस के रूम में रहने वाली गीतांजली ने पल्लवी के रूम पर दस्तक दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। बाद में उसने खिड़की से अंदर झांका तो पल्लवी फंदे पर लटकी नजर आई। इसकी सूचना उसने फौरन हॉस्टल वार्डन नमिता श्रीवास्तव को दी फिर प्रबंधन हरकत में आया।
रात को बिल्कुल नॉर्मल लग रही थी
पल्लवी की मौत से हॉस्टल की सभी छात्राएं सदमें में हैं। नवीना कहती है कि पल्लवी को होम सिकनेस रहती थी, लेकिन हम सभी समझाते थे कि जैसे तीन साल निकल गए, वैसे ही एक साल और निकल जाएगा। पढ़ाई में भी वह ठीक थी, कभी एक पेपर में भी बैक नहीं लगा। रात में अस्पताल से लौटने के बाद काफी देर तक पल्लवी और बाकी दोस्त हंसते-बोलते रहे। वह बिल्कुल नॉर्मल लग रही थी।
दुपट्टे से लगा ली फांसी- हॉस्टल में फांसी लगाए जाने की सूचना पर कमला नगर पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए कुंदा तोड़ना पड़ा। पुलिस को पलंग पर रोमन तेलुगू में लिखा एक सुसाइड नोट मिला। इसे पल्लवी की एक सहेली ने पढ़कर पुलिस को सुनाया।
एफबी पर हर पोस्ट में था एक संदेश- पल्लवी फेसबुक पर भी ज्यादा एक्टिव नहीं रहती थी। उसकी अंतिम पोस्ट 28 सितंबर 2015 को की गई। इसमें उसने अपनी एक सहेली के साथ सेल्फी शेयर की है। हालांकि, अपनी तस्वीरों के अलावा की गई तकरीबन सभी पोस्ट में उसने जिंदगी जीने का संदेश ही अपडेट किया है। एक पोस्ट में उसने आई लव यू डैड भी शेयर किया है।