डिलीवरी में प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
सुल्तानिया अस्पताल का मामला
सुल्तानिया अस्पताल में शुक्रवार को डिलीवरी के दौरान प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने डाॅक्टरों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की। तलैया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। महिला को डीआईजी बंगला स्थित अस्पताल से रेफर किया गया था। इधर, सुल्तानिया प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में लाने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी।
इसी दौरान अस्पताल में गुरुवार को रात छह बजे डीआईजी बंगला क्षेत्र निवासी नीतेश साहू अपनी प|ी आरती को लेकर आए थे। आरती को नौ माह का गर्भ था। आरती के भाई अखिलेश साहू और मां दुलारी बाई का कहना है कि उनकी बेटी की शादी 21 अप्रैल 2015 को नीतेश साहू से हुई थी। दुलारीबाई ने बताया कि आरती के पांव में सूजन आई थी, जिसकी वजह से उसे डीआईजी बंगले स्थित अस्पताल ले गए। वहां पर डाॅक्टरों ने इलाज करने के बजाय आरती को सुल्तानिया अस्पताल ले जाने कहा। आरती को यहां छह बजे लेकर पहुंचे। वहां पर उसे लेबर रूम ले जाया गया। वहां पर जूनियर डाॅक्टरों ने डिलीवरी कराने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी बेटी की मौत हो गई।
अस्पताल की प्रभारी अधीक्षक वीणा नागले ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। डॉ. नागले ने बताया कि प्रसूता की मौत यहां आने से पहले ही हो चुकी थी। इस मामले में पुलिस को सूचना दे दी थी। इधर तलैया थाना प्रभारी मनीष राजसिंह भदौरिया ने बताया कि मामला संदिग्ध है। इसकी वजह से मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत का खुलासा हो सकेगा। इस मामले की जांच सीएसपी स्तर पर होगी। महिला की उम्र 19 वर्ष है और वह नवविवाहिता है।