मुख्यमंत्री, मंत्रियों के विस में दिए आश्वासन पर गंभीर नहीं सरकार
सरकार के अफसर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के विधानसभा में दिए गए आश्वासनों की कितनी चिंता करते हैं। यह बात शुक्रवार को मुख्य सचिव अंटोनी डिसा द्वारा मंत्रालय में विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर ली गई बैठक में सामने आई। इस दौरान समस्त विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव उपस्थित थे। इसमें एक मामला तो तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल का सामने आया। दिग्विजय ने मुख्यमंत्री रहते विधानसभा को आश्वस्त किया था कि मंत्रालय से बाहरी कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म किया जाएगा। इस आश्वासन को सरकार अब तक पूरा नहीं कर पाई है, जबकि सिंह के बाद प्रदेश में उमा भारती और बाबूलाल गौर की सरकार रही। वर्तमान में दस साल से ज्यादा समय से शिवराज सरकार है, लेकिन यह आश्वासन अब तक पूरा नहीं हुआ है। अटैचमेंट खत्म किए जाने की यह कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग को करना है। डिसा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि आखिर विधानसभा में माननीय मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दिए 1200 आश्वासनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इनमें सबसे ज्यादा 500 मामले राजस्व विभाग से संबंधित हैं।