मैं ऐसा क्या करूं, नींद भी कम आए और पढ़ाई में भी मन लगे
पिछले सालों की स्थिति
सबके फायदे की सलाह
छात्र का सवाल- मैं थकान और घबराहट से परेशान हूं। मुझे पढ़ाई करने में काफी मुश्किल हो रही है। समझ में नहीं आ रहा कि परीक्षा में क्या होगा? छात्रा का सवाल- मैं जब पढ़ने बैठती हूं तो नींद आने लगती है। मैं ऐसा क्या करूं, जिससे नींद भी कम आए और पढ़ाई में भी मन लगे? ऐसे सवाल इन दिनों मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (मप्र माशिमं) की हेल्पलाइन पर कांउसलर्स के पास आ रहे हैं। काउंसलर्स की टीम से स्टूडेंट्स की परेशानियों को सुनकर उन्हें आराम करने, कम खाना खाने, घर का बना खाना ही खाने जैसी सलाह दे रही है।
माशिमं ने 30 जनवरी से हेल्पलाइन शुरू की है। इसके बाद से अब तक स्टूडेंट्स ने 1848 कॉल्स किए। वर्ष-2007 में विद्यार्थियों की मदद के लिए इसे शुरू किया गया था। इसके बाद से लगातार यह सिलसिला जारी है। हेल्पलाइन प्रभारी जीपी गुप्ता व काउंसलर नीता तिवारी ने बताया कि अधिकतर बच्चे परीक्षा संबंधी प्रश्न ही पूछ रहे हैं।
छात्र या उनके अभिभावक चाहें तो माशिमं परिसर में स्थित ज्ञान-विज्ञान भवन में व्यक्तिगत तौर पर पहुंचकर भी काउंसलर्स से बात कर सकते हैं।
यहां छात्र व अभिभावक करें संपर्क
माशिमं के फोन नंबर 0755-2570248 और 2570258, मोबाइल नंबर 9424495482 और 9424495483 समय सुबह 8 से रात 8 बजे तक।
पढ़ने बैठते ही नींद आने लगती है?
आम दिनों के मुकाबले कम खाना खाएं और नींद पूरी करें, फिर पढ़े।
कैसा खाना खाएं और क्या न खाएं?
घर का बना खाना, जिसमें कम तेल, मिर्च व मसाले हों। भारी खाना पराठे-पूड़ी, भजिए आदि न खाएं।
थकान ज्यादा हो रही है, सुबह उठते ही पढ़ाई कैसे करें?
सुबह उठकर दिनचर्या के अनुसार फ्रेश होने, घूमने आदि जाएं। इसके बाद ही पढ़ने बैठें। जहां तक हो सके ताजी हवा में पढ़ने का प्रयास करें।
तीन घंटे पढ़ने पर मुश्किल हो रही है?
हर घंटे में 5 मिनट का ब्रेक लेकर पढ़ें। दोपहर में आराम भी करें। इससे अच्छी पढ़ाई की जा सकेगी।
कुछ प्रश्न इतने कठिन हैं कि याद ही नहीं हो रहे क्या करें?
पहले सरल प्रश्नों को याद करें।
अभिभावक भी चिंतित
परीक्षा को लेकर उनके अभिभावक भी चिंतित हैं। काउंसलर सिंधु धोलपुरे व दिशा जैन ने बताया कि उनके पास कुछ अभिभावकों के भी फोन पिछले तीन-चार दिनों के दौरान आए। अधिकतर अभिभावकों ने उनसे पूछा कि पर्चे कैसे आएंगे। किस तरह के प्रश्न उनमें रहेंगे।
वर्ष कॉल्स
2009 35, 753
2010 41,333
2011 49,580
2012 43, 55
2013 37,552
2014 34,703
2015 30,780
स्रोत : काउंसलर्स से मिली जानकारी के अनुसार।