बीयू - नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला
जस्टिस गोहिल की हिदायत के बाद भी नहीं भेजे दस्तावेज
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में हुई 11 विवादित नियुक्तियों में गड़बड़ी की जांच कर रहे रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल की हिदायत के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका है। जांच अधिकारी ने दस्तावेज पेश करने के लिए विवि प्रशासन को तीन दिन का समय दिया था। जबकि सात दिन बीतने के बाद भी विवि के अधिकारी दस्तावेज खोज नहीं पाए हैं। मामले में 5 फरवरी को शिकायतकर्ता प्रकाश खातरकर के बयान दर्ज करते समय उम्मीदवार के आवेदन में हेरफेर का मामला सामने आया था। सेक्शन ऑफिसर एनपी पॉल ने पहले दिखाए आवेदन को छिपाकर सूचना के अधिकार में प्राप्त आवेदन दिखा दिया था। अलग-अलग आंकड़े होने पर जांच अधिकारी जस्टिस अभय गोहिल ने तीन दिन में आवेदन प्रस्तुत करने को कहा था। विवि प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही के लिए पाॅल को नोटिस जारी कर दिया है।
सरकार ने मांगा जवाब
भर्ती विज्ञापन में विकलांगों के लिए आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने पर संचालनालय सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण द्वारा भी बीयू प्रशासन से जवाब तलब करने के बाद मामला और उलझ गया है। नि:शक्तजनों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं करने की शिकायत पर संचालनालय ने विवि से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।