ऑनलाइन परीक्षा के लिए आईटीआई छात्रों को 300 किमी दूर दिए सेंटर
राजधानी सहित प्रदेशभर के आईटीआई के छात्रों के सामने ऑनलाइन परीक्षा देने का संकट खड़ा हो गया है। करीब 7000 छात्रों को अपने संस्थान से 300 किमी दूर तक परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए। भोपाल के आसपास के जिलों के छात्रों को जबलपुर और ग्वालियर के छात्रों को भोपाल में सेंटर दिए गए हैं। आईटीआई संचालक छात्रों की इस समस्या को लेकर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास संचालनालय को पत्र भेजा है लेकिन उन्हें अब तक सकारात्मक जवाब नहीं मिला। बुधवार से शुरू होने जा रही यह परीक्षा चार दिन चलेगी। इसमें 61 हजार छात्र शामिल होंगे।
नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग से मान्यता प्राप्त आईटीआई की ऑनलाइन परीक्षा के लिए सहित प्रदेश में 61 सेंटर बनाए गए हैं। नियम के अनुसार छात्र का परीक्षा केंद्र संस्थान से 25 किमी के दायरे में ही बनाया जा सकता है। उधर, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास संचालनालय के पीएस सीबी चक्रवर्ती का कहना है कि इस बार जो छात्र परीक्षा देने से किसी कारणवश वंचित होते हैं तो उन्हें 18 से 28 फरवरी के बीच होने वाली दूसरे चरण की परीक्षा में निशुल्क शामिल किया जाएगा।
सरकारी आईटीआई के जिन छात्रों को संस्थान से दूर परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए गए हैं उनके लिए यातायात की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही प्राइवेट आईटीआई से भी इस संबंध में चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही यह भी प्रावधान किया जा रहा है कि इस बार जो छात्र परीक्षा देने से किसी कारणवश वंचित होते हैं तो उन्हें आगामी 18 से 28 फरवरी के बीच होने वाली दूसरे चरण की परीक्षा में नि:शुल्क शामिल किया जाएगा।
परीक्षा के फॉर्म ऑनलाइन भरवाए गए थे। छात्रों को तीन परीक्षा केंद्र सुविधा के अनुसार चुनना था। इनमें से कोई एक आवंटित किया जाना था। लेकिन छात्रों को ऐसे सेंटर आवंटित कर दिए गए जो उन्होंने सिलेक्ट ही नहीं किए थे।
यातायात की कर रहे व्यवस्था
उधर, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास संचालनालय के प्रमुख सचिव सीबी चक्रवर्ती का कहना है कि सरकारी आईटीआई के जिन छात्रों को संस्थान से दूर परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए गए हैं उनके लिए यातायात की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही प्राइवेट आईटीआई से भी इस संबंध में चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही यह भी प्रावधान किया जा रहा है कि इस बार जो छात्र परीक्षा देने से किसी कारणवश वंचित होते हैं तो उन्हें आगामी 18 से 28 फरवरी के बीच होने वाली दूसरे चरण की परीक्षा में नि:शुल्क शामिल किया जाएगा।