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पैनकार्ड की अनिवार्यता के विरोध में बंद रहा सर्राफा

5 वर्ष पहले
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दो लाख रुपए तक की ज्वैलरी खरीदने पर पैनकार्ड नंबर देने की अनिवार्यता के खिलाफ बुधवार को राजधानी के सर्राफा कारोबारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते चौक स्थित प्रमुख सर्राफा बाजार, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, दस नंबर, पिपलानी और बैरागढ़ की करीब 1000 दुकानों में ताले पड़ गए।

हड़ताल का आह्वान मप्र सर्राफा एसोसिएशन और ऑल इंडिया जेम्स और ज्वैलरी एसोसिएशन ने किया था। सभी बाजारों के व्यापारियों ने चौक में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। श्री सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने 1 जनवरी 2016 से दो लाख की ज्वैलरी खरीदने पर पेनकार्ड नंबर देना अनिवार्य किया था। इसके बाद से अब तक सर्राफा कारोबार में 30 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। क्योंकि बाजारों में ग्राहकी एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों से आता है। जहां पेनकार्ड नहीं के बराबर हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह 2 लाख के बजाय 5 लाख रुपए तक की ज्वैलरी की खरीद पर पैनकार्ड नंबर देना जरूरी करे।

देशभर के सर्राफा कारोबारी आम बजट से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए पिछले लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। अग्रवाल ने बताया कि विरोध प्रदर्शन को आगे कैसे बढ़ाया जाए इसकी रणनीति बनाई जा रही है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, शाजापुर आदि शहरों में भी व्यापारियों ने कारोबार बंद रखा

1000 दुकानों में लटके रहे ताले
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