पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पहले यह एक गांव था, आज है ‘बोरवन पार्क’

पहले यह एक गांव था, आज है ‘बोरवन पार्क’

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिटी रिपोर्टर साल 1996 में भोज वेटलैंड्स प्रोजेक्ट के तहत बड़े तालाब के आसपास के गांवों के वेटलैंड्स पर ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की योजना बनाई गई थी। इसी प्राेजेक्ट के तहत लगाए गए पौधों का एक समूह आज बोरवन पार्क के रूप में हमारे सामने है। बोरवन पार्क से शुरुआत से ही जुड़े रिटायर्ड डायरेक्टर एके खरे बताते हैं, \\\"बोरवन एक गांव हुआ करता था। इसके नजदीक मौजूद 70 हेक्टेयर जमीन को प्रवासी पक्षियों के लिए मुफीद पाई गई। इसलिए यहां एक पार्क डेवलप करने का निर्णय लिया गया। यहां लगभग एक लाख फलदार अौर सामान्य प्रजाति के पौधे लगाए गए। इनमें अर्जुन, जामुन, शिव बबूल आदि हैं। यह बड़े तालाब का दक्षिणी हिस्सा है। इसकी 30 प्रतिशत जमीन दलदलीय है। हाल ही में हुए भोपाल बर्ड्स संस्था के सर्वे में यहां 100 से अधिक प्रजाति के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई। यहां 20 एकड़ पर फैला घास का मैदान पक्षियों के प्रजनन के लिए तैयार किया गया है। साल 2009 में आम लोगों के लिए ओपन हुए इस पार्क में बर्ड वॉचर्स और नेचर लवर्स खासतौर से आते हैं।

फोटो: एचसी वर्मा

खबरें और भी हैं...