स्मार्ट विमन करें स्मार्ट सिटी तैयार
इन दिनों स्मार्ट सिटी को लेकर सभी उत्साहित हैं। आखिर हो भी क्यों न, भोपाल चुने गए शहरों में से एक जो है। लेकिन जहां एक ओर सरकार इस सपने को साकार करने के लिए पूरी तरह से जुट गई है, उसी तरह हमारा भी फर्ज है कि हम अपने शहर को स्मार्ट बनाने में कोई कसर न छोड़ें।
किसी भी शहर की पहचान और जिंदगी वहां के बाशिंदे होते हैं। और खासतौर पर महिलाओं का इसमें बड़ा योगदान हो सकता है। जिस तरह हम अपने घरों को स्वच्छ रखते हैं, उसी तरह कॉलोनीज़ की सफाई का जिम्मा भी वहां रहने वाली लेडीज़ का ग्रुप ही उठाए। इस ग्रुप में अपने घर के बाकी सदस्यों को भी शामिल करें और संडे के संडे क्लीनलीनेस ड्राइव चलाएं। इसके अलावा कॉलोनी के आसपास बच्चों से प्लांटेशन करवाएं।
अपने घर के आस-पास बसी बस्तियों में रहनेवाले अंडरप्रिविलेज्ड बच्चों को पढ़ाना भी एक तरह से हमारी जिम्मेदारी ही है। बेसिक एजुकेशन के बाद आप किसी एक बच्चे की स्कूलिंग की जिम्मेदारी भी ले सकती हैं। साथ ही उन्हें सेनिटेशन और हाइजीन के बारे में भी बताएं।
शहर में आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं भी छवि को धूमिल करती है। स्मार्ट वुमन होने के नाते हमें खुद तो ट्रैफिक रूल्स फॉलो करेंगे ही, अपने परिवार के लोगों को भी इस बात के लिए राजी करेंगे। इससे परिवार के लोग तो सुरक्षित रहेंगे ही, नियम मानने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार होगा। इससे देश के सामने हमारी छवि स्मार्ट होगी। ये सब हमें इसलिए करना है क्योंकि स्त्री वाकई परिवार का अाधार होती है और हमारा शहर भी एक परिवार ही है।
नंदिता बैंकर होने के साथ-साथ वेबसाइट्स के लिए लिखती हैं। इसके अलावा वे पर्सनालिटी डेवलपमेंट और मैनेजमेंट के स्पेशल लेक्चर्स भी लेती हैं।