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भास्कर मुद‌्दा

5 वर्ष पहले
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तीन साल में 28 मीटिंग, चार हड़ताल, चेतावनी लेकिन बच्चों के सफर पर खतरा बरकरार
स्कूली वैन हैं दौड़ती हैं शहर में

अड़ियल रवैया... तीन विभागों के बीच होने के कारण फंसा मामला
अभिभावक भी करें विरोध

à स्कूल वैन संचालक वैन में जरूरत से ज्यादा बच्चों को बिठाते हैं। गैस से गाड़ी चलाते हैं। इसे रोकने के लिए प्रशासन मुहिम शुरू करेगा। लेकिन, मेरा सवाल बच्चों के परिजनों से है जो खुद अपने बच्चों को गैस किट से चलने वाली गाड़ी में बिठाते हैं। वह गैस किट से चलने वाली स्कूल वैनों का विरोध करें। - निशांत वरवड़े, कलेक्टर

स्कूलों को भी जिम्मेदारी दें

à केंद्रीय भूतल व परिवहन मंत्रालय को सुझाव दिया है कि सभी प्राइवेट स्कूलों को दी जाने वाली मान्यता व उसका नवीनीकरण तब ही किया जाएगा, जब वे अपने यहां चलने वाली वैन का अनुबंध पत्र उसके संचालक को दंे। ऐसा होते ही सारी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की हो जाएगी व वैन संचालक भी अपनी गाड़ियां नियमानुसार मेंटेन कर लेंगे। भूपेंद्र सिंह, परिवहन मंत्री

अफसरों व मंत्री के रटे रटाए बयान
स्कूल वैन संचालकों का एसोसिएशन अपने लेटर पेड पर स्कूली परमिट चाहता है, जिसे आरटीओ किसी भी सूरत में मान्य नहीं करता।

स्कूल व प्रशासन की लगाम वैन पर न होने के कारण इनके ड्राइवर, बच्चों की जान की परवाह किए बगैर काफी तेज रफ्तार से इन्हें चलाते हैं।

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