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खुदकुशी से पहले पापा से की बात, कहा-मैं ठीक हूं

5 वर्ष पहले
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एयरपोर्ट पर रोका शव
बर्थ डे के लिए Rs.10 हजार अकाउंट में डाले
पल्लवी को पिता और सहेलियों ने बहुत समझाया था
मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) के हॉस्टल में फांसी लगाने से एक रात पहले पल्लवी ने पिता एमवी अप्पाराव से फोन पर बात की थी। ये बात रेडक्रॉस अस्पताल से लौटने के बाद हुई थी। उन्होंने पूछा था कैसी हो बेटा, तो पल्लवी ने जवाब दिया था ठीक हूं पापा। पुलिस को ये बताते हुए अप्पाराव की आंखें भर आईं।

गुरुवार तड़के अपने एक रिश्तेदार के साथ भोपाल आए अप्पाराव ने पुलिस को बताया कि पल्लवी हम सबसे बहुत प्यार करती थी। हमने और उसकी सहेलियों ने उसे काफी समझाया था कि एक साल और बचा है मन लगाकर पढ़ाई करो। जनवरी 2015 से उसने कैट की कोचिंग भी शुरू कर दी थी। इसलिए पढ़ाई का दबाव भी होना स्वाभाविक था। इन सबके बाद भी हर सेमेस्टर में उसके अच्छे अंक आते थे। गुरुवार को पल्लवी के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया। रात में वे शव लेकर विशाखापट्टनम के लिए फ्लाइट से रवाना हो गए। पल्लवी ने बुधवार दोपहर सवा 12 बजे गर्ल्स हॉस्टल में फांसी लगा ली थी। उसके पास से मिले सुसाइड नोट में होमसिकनेस का जिक्र था। साथ ही लिखा था कि पापा ने जैसा चाहा मैं वैसा पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाई।

राजा भोज एयरपोर्ट डायरेक्टर के गुणाशेखरन ने बताया कि पल्लवी का शव बगैर डेथ सर्टिफिकेट के एयरपोर्ट लाया गया था। बगैर डेथ सर्टिफिकेट के शव फ्लाइट से नहीं ले जाया जा सकता। हमने उसके परिवार से इसकी मांग की तो वे हमीदिया अस्पताल से उसका डेथ सर्टिफिकेट लेकर लौटे।

अपनी मर्जी से ही कैट की तैयारी की
मैकेनिकल ब्रांच से इंजीनियरिंग कर रही पल्लवी ने अपनी मर्जी से ही कैट की कोचिंग शुरू की थी। उसके पिता विशाखापट्टनम की स्टील कंपनी में डिप्टी मैनेजर हैं। आंध्र प्रदेश में इंजीनियरिंग और एमबीए दोनों का ही काफी स्कोप है। इसलिए परिवार की रजामंदी पर पल्लवी ने कैट कोचिंग के लिए दाखिला लिया था।

एसआई अमर सिंह के मुताबिक पल्लवी का 24 फरवरी को जन्मदिन है। इसके लिए पापा ने बीती आठ फरवरी को दस हजार रुपए उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। पल्लवी जनवरी के पहले हफ्ते में विशाखापट्टनम गई थी। करीब 15 दिन रुकने के बाद आखिरी हफ्ते में भोपाल लौट आई। उसकी मां एक गृहिणी हैं, जबकि 16 वर्षीय छोटी बहन नव्य श्री स्कूलिंग कर रही है।

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