शहर में वसंतोत्सव आज व कल, सजेंगी मां सरस्वती की झांकियां
भोपाल| विद्या-बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती पूजा का वसंतोत्सव पर्व शहर में दो दिन मनेगा। पंचमी तिथि दो दिन होने के कारण कहीं शुक्रवार तो कहीं शनिवार को वसंतोत्सव के आयोजन होंगे। मंदिरों, घरों व विद्यालयों में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के अलावा जनेऊ व दीक्षा आदि संस्कार भी कराए जाएंगे। शहर में विभिन्न स्थानों व मंदिरों में 12 से 14 फरवरी तक वसंतोत्सव मनाया जाएगा। भारत माता चौक, डिपो चौराहा भदभदा रोड व सोमवारा में भवानी मंदिर के पास मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को वसंतोत्सव का शुभारंभ 12 घंटे के गायत्री मंत्र जाप के साथ हुआ। शुक्रवार शाम दीप यज्ञ होगा।
प्रवक्ता श्याम किशोर ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 8 बजे से 24 कुण्डीय गायत्री यज्ञ व शाम 6 बजे दीप यज्ञ होगा।
पं. भंवर लाल शर्मा के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 12.20 बजे पंचमी तिथि प्रारंभ होकर शनिवार को सुबह 9 बजे तक रहेगी।
मं सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी
भारत माता उत्सव समिति की संरक्षक, पार्षद सरोज जैन ने बताया कि भारत माता चौक पर समिति के मुख्य संरक्षक उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता के मार्गदर्शन में वसंतोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 11 बजे मां सरस्वती प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी। शैलेंद्र निगम ने बताया कि दक्षिण विधान सभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाओं क स्थापना कर वसंत उत्सव मनाया जाएगा। संस्था सुरताल द्वारा शुक्रवार को सुबह 9 बजे सोमवारा भवानी मंदिर के पास मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना कर आरती की जाएगी। संयोजक विमल भंडारी ने बताया कि शाम 7.30 बजे आरती के बाद गायन, वादन व नृत्य प्रतियोगिता होगी। शनिवार को दोपहर 12 बजे रांगोली प्रतियोगिता व रात आठ बजे 108 दीपकों से आरती की जाएगी। इसके बाद फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता होगी। रविवार को चित्रकला प्रतियोगिता के बाद पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
गायत्री शक्ति पीठ में यज्ञ
गायत्री शक्तिपीठ एमपी नगर में गुरूवार को वसंतोत्सव का शुभारंभ 12 घंटे के गायत्री मंत्र जाप के साथ हुआ। प्रवक्ता श्याम किशोर ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 8 बजे से 24 कुण्डीय गायत्री यज्ञ व शाम 6 बजे दीप यज्ञ होगा।
पीली वस्तु और खिचड़ी का करें दान
पं. भंवरलाल शर्मा के अनुसार इस दिन मां सरस्वती की पूजा में पीले और सफेद पुष्प चढ़ाएं व इन्हीं रंगों की मिठाई का भोग लगाए। पीली वस्तुओं व खिचड़ी आदि का दान करें।