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वॉटर टूरिज्म को बढ़ावा देने 15 जलाशयों का किया चयन

4 वर्ष पहले
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भोपाल| प्रदेश में वॉटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से 15 वॉटर बॉडीज चिह्नित की गई हैं। इसके साथ ही 16 टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटित की जा रही है। लगभग 477 हेक्टेयर का लैंड बैंक बनाया गया है। करीबन 19 यूनिट को 24 करोड़ का पूंजीगत अनुदान मुहैया करवाया गया है। यह जानकारी रोड-शो एवं इंवेस्टर्स मीट की शृंखला की शुरुआत पर दी गई। पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से इन्वेस्टर्स मीट शुक्रवार को भोपाल में हुई।

पहले रोड शो एवं इन्वेस्टर्स मीट का शुभारंभ करते हुए राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि राज्य शासन ने प्रदेश में निवेशक मित्र पर्यटन नीति लागू की है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया है कि वे उदार नीति का लाभ उठाकर पर्यटन में निवेश के लिये आगे आएं।





भौमिक ने प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जल पर्यटन क्षेत्र में हाउस बोट, क्रूज और अन्‍य वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरूआत कर दी गई है।

78 तरह के जॉब

पर्यटन सचिव एवं टूरिज्म बोर्ड के एमडी हरि रंजन राव ने कहा कि पर्यटन का क्षेत्र आज रोजगार सृजन का प्रमुख जरिया बन गया है। इस क्षेत्र में 10 लाख रुपए के निवेश पर लगभग 78 जॉब क्रिएशन होते हैं। पचमढ़ी में पर्यटन की एक दर्जन से अधिक होटलें और रिसॉर्ट हैं, जो सदैव फुल रहते हैं। स्‍पष्‍ट है कि प्रदेश में होटल और हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इसके लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।

इन क्षेत्रों में भागीदारी

टूरिज्म बोर्ड के निवेश संवर्धन संचालक एके राजोरिया ने प्रजेंटेशन में नई पर्यटन नीति, वॉटर टूरिज्म पॉलिसी, हेरिटेज होटल्स के विकास, मार्ग सुविधा केंद्रों के संचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी और होम स्टे योजना सहित कई प्रमुख बिंदुओं से अवगत करवाया। उन्‍होंने बताया कि 2020 तक प्रदेश में 19 हजार से अधिक कक्षों की जरूरत का आकलन किया गया है। अगले एक दशक में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार और पूंजीगत निवेश में लगभग 10 गुना इजाफा होने की संभावना है।

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