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जो पैसा बचे, उसे समाजसेवा में लगाएं

6 वर्ष पहले
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रिसेप्शन में जितने कम व्यंजन, उतनी तारीफ
जो नहीं मानतेे उनके यहां भोजन नहीं करते
विवाह समारोह के भोज में जितने कम व्यंजन, उतनी शाबाशी। शहर के माहेश्वरी समाज की शादियों में अब व्यंजनों के कम स्टाल्स देखे जा रहे हैं। समाज के संगठन ने विवाह के आशीर्वाद समारोह में केवल 21 प्रकार के व्यंजन परोसने की सूची जारी कर दी है। उद्देश्य है फिजूलखर्ची व भोजन की बर्बादी रोकना। हालांकि समाज ने ऐसा न करने वालों पर किसी भी प्रकार के दंड का प्रावधान नहीं किया है। लोग खुशी से इस पर अमल करने लगे हैं। देखने में आ रहा था कि कई समारोहों में स्टॉल की संख्या 100 तक पहुंच रही थी।

माहेश्वरी समाज भोपाल (वृहद) के अध्यक्ष रवि गगरानी ने बताया कि कुछ समय पहले संगठन के पदाधिकारियों व समाज के वरिष्ठों की सहमति से निर्णय लिया गया कि वैवाहिक समारोह में होने वाले रिसेप्शन में खाद्य पदार्थों, जूस, कोल्ड ड्रिंक्स आदि के स्टाल कम किए जाएं। इस तरह 21 से अधिक व्यंजन न हों। इनमें मिठाई भी शामिल है जिसकी वैरायटी कम से कम हो। तय किए गए व्यंजनों की सूची समाज की स्मारिका में छापने, ईमेल और एसएमएस आदि के माध्यमों से इसका प्रचार भी किया गया है।

समाज के कुछ लोगों के यहां रिसेप्शन में तमाम तरह के राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी, चायनीज, इटालियन आदि स्थानों के प्रसिद्ध व्यंजनों के इतने अधिक स्टाल लगाए गए थे, मानों कोई व्यंजन मेला लगा हो। संगठन के नियमों का उल्लंघन होता दिखा तो गगरानी समेत समाज के कई अन्य लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया और भोजन किए बगैर लौट गए। इस कारण ऐसे रिसेप्शन समाज में चर्चा का विषय भी बने रहे।

रमन कोठारी, खुशालचंद जेठा व गगरानी परिवार में पिछले दिनों हुए विवाह समारोह में समाज के इस नियम का पालन कर रिसेप्शन में भोजन आदि के कुल 21 स्टाल ही लगाए गए। कई अन्य लोगों ने भी ऐसा ही किया। गगरानी का कहना है कि हम लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे इससे जो पैसा बचता है, उसे समाजसेवा में लगाएं।

विरोध से ज्यादा समर्थन मिला
इस निर्णय का शुरू में कुछ लोगों ने विरोध किया, पर समर्थन करने वालों की संख्या अधिक थी। समारोह में व्यंजनों के स्टालों की संख्या बढ़ाने की होड़ से भोजन की बर्बादी होती है। शुरू में लगा कि कोई मानेगा नहीं, पर बाद में बहुत से रिसेप्शन में इस पर अमल होता देख सुखद अनुभूति हुई। रवि गगरानी, अध्यक्ष माहेश्वरी समाज भोपाल (वृहद)

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