ऐसे मिलेगी डिवाइस लगाने की अनुमति
बीयू व आरजीपीवी के परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे मोबाइल जैमर
इंजीनियरिंग, मेडिकल व पारंपरिक कोर्सेस की परीक्षाओं में नकल रोकने अब कॉलेज संचालकों को परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाना पड़ेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मोबाइल, गूगल वॉच सहित दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से परीक्षा में नकल कराए जाने की शिकायतें मिलने के बाद परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत भोपाल में ही आरजीपीवी और बीयू को 180 केंद्रों पर जैमर लगाने पड़ेंगे।
आरजीपीवी कुलपति पियूष त्रिवेदी के मुताबिक यूजीसी ने परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के मार्फत नकल करने के बढ़ते चलन को रोकने परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को परीक्षा नियमों में जैमर लगाने का प्रावधान करने का प्रस्ताव भेजा है। सरकार से मंजूरी मिलते ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के दौरान जैमर हायरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यूजीसी के निर्देशों को मानने पहले चरण में किराए पर लेकर जैमर लगाए जाएंगे।
कहां से करेंगे इंतजाम
एआईजी सायबर सेल विजय खत्री ने बताया कि देश में मोबाइल जैमर डिवाइस बनाने वाली 4 कंपनियां हैं। इनमें से एक भी कंपनी का स्टोर मध्यप्रदेश में नहीं है। इस कारण यूनीवर्सिटी रजिस्ट्रार और कॉलेज संचालकों को जैमर ओपन टेंडर प्रक्रिया से ही खरीदना पड़ेंगे। इसके अलावा गृह विभाग से जैमर खरीदी के लिए यूनीवर्सिटीज को एनओसी भी लेनी पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि जैमर डिवाइस ओपन मार्केट में नहीं बिकती। सप्लायर को डिवाइस बेचने की सूचना पुलिस को बिक्री के साथ खरीददार की आईडी प्रूफ के साथ देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर पुलिस विक्रेता और खरीदार के खिलाफ सिक्यूरिटी एक्ट के तहत कार्रवाई करती है।
परीक्षा समिति लेगी फैसला
बीयू की परीक्षा शाखा के डिप्टी रजिस्ट्रार शैलेंद्र जैन ने बताया कि जैमर कॉलेज संचालक खरीदेंगे या यूनीवर्सिटी प्रशासन? यह परीक्षा समिति की बैठक में तय किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा नियमों में परीक्षा केंद्र पर जैमर इंस्टालेशन का नियम बनाने का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजेंगे। ताकि जैमर के संबंध में राज्य सरकार अलग से कोई पॉलिसी बना सके।
जैन ने दैनिक भास्कर को बताया कि बीयू से 400 कॉलेज संबद्ध हैं, जिनकी परीक्षा के लिए 105 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा केंद्र प्रमुख को जैमर इंस्टाल होने की रिपोर्ट नजदीकी पुलिस थाने में भी देनी होगी।
टेलीकॉम कंपनियों को एग्जामिनेशन कैलेंडर के साथ नेटवर्क जाम करने की टाइमिंग बताना होगा।
यूनीवर्सिटी परीक्षा शाखा और कॉलेज संचालकों को जैमर लगाने की अनुमति कलेक्टर से लेनी होगी।
बाजार में 5 हजार से 3 लाख तक के डिवाइस
कुलपति त्रिवेदी ने बताया कि बाजार में 5 हजार से लेकर 3 लाख तक का जैमर डिवाइस बिक रही है। जैमर की कीमत उसकी क्षमता और कवरेज एरिया के साथ बढ़ती जाती है। इस कारण परीक्षा केंद्रों पर कितने जैमर लगेंगे? इसका अनुमान लगाना फिलहाल संभव नहीं है।