अब सब-रजिस्ट्रार के साथ बाबू भी करेंगे ई-रजिस्ट्री
राजधानी के रजिस्ट्री दफ्तर में अब सब-रजिस्ट्रार के साथ तीन बाबू भी ई-रजिस्ट्री करेंगे। इसके लिए इन्हें विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें डिजिटल साइन भी दे दिए गए हैं।
ई-रजिस्ट्री की संख्या व लगातार घट रहे राजस्व को बढ़ाने के लिए पंजीयन विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है। इसके साथ ही रजिस्ट्री के स्लॉट की संख्या 220 बढ़ाकर 336 की गई थी, जिसे और बढ़ाकर 480 कर दिया गया है। यानी एक दिन में अब 144 रजिस्ट्री ज्यादा हो सकेंगी। इसके पीछे अफसरों का तर्क है कि ज्यादातर प्रॉपर्टी के खरीदार 31 मार्च से पहले रजिस्ट्री कराने पहुंचते हैं। इसके चलते रजिस्ट्री दफ्तरों में काम का दबाव बढ़ जाता है। नई व्यवस्था के बाद एक दिन में 12 नहीं बल्कि 15 सब-रजिस्ट्रार एक साथ रजिस्ट्रियां करेंगे। अब एक सब रजिस्ट्रार एक दिन में 32 रजिस्ट्री कर सकेंगे। नई व्यवस्था शुक्रवार से कर दी गई है।
अब 6.30 बजे तक
मिलेगा ऑनलाइन स्लॉट
जिला पंजीयक डॉ. पवन कुमार अहिरवार का कहना है कि अभी तक साढ़े चार बजे तक ई-रजिस्ट्री होती थी। कई बार लोगों को स्लॉट नहीं मिल पाता था। लोगों की दिक्कत को देखते हुए आॅनलाइन स्लॉट के समय में बदलाव किया गया है। अब रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन स्लाॅट शाम 6.30 बजे तक मिलेगा।
अगले सप्ताह तक पूरा होगा केबल बिछाने का कार्य
नेट कनेक्टिविटी और सर्वर डाउन रहने की समस्या के कारण सुस्त पड़ रही ई-रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ सकेगी। लंबे समय से सर्विस प्रोवाइडर्स, सब-रजिस्ट्रार, मेकर्स और चेकर्स द्वारा स्वान कनेक्टिविटी में आ रही दिक्कत को देखते हुए पंजीयन मुख्यालय ने बीएसएनएल से करार कर लिया है। स्वान कनेक्टिविटी डाउन होने के कारण ई-रजिस्ट्री का संपदा सॉफ्टवेयर धीमा हो जाता है। परी बाजार स्थित पंजीयन कार्यालय और आईएसबीटी रजिस्ट्री दफ्तर में आॅप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम अगले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा।
इसके बाद तेजी से रजिस्ट्री हो सकेंगी।