\"ओम\' के उच्चारण से अस्थमा के मरीज को राहत
एम्स दिल्ली की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमा जयसुंदर ने समझाए स्वास्थ्य विज्ञान से आध्यात्मिकता के रिश्ते
संगोष्ठी
आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य विज्ञान के रिश्ते को समझाने के लिए की गई एक रिसर्च में अस्थमा के मरीज के इलाज में इनहेलर और ओम का प्रयोग किया गया तो पता चला कि लगातार आेम के उच्चारण से पीड़ित व्यक्ति धीरे-धीरे सामान्य सांस लेने लगा। यह एक तरह से आध्यात्मिक चिकित्सा का चमत्कारिक उदाहरण है।
यह बात एस. व्यासा बेंगलुरू की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. आर. नागर|ा ने बताई। वे रवींद्र भवन में विज्ञान एवं अध्यात्म विषय पर आयोजित संगाेष्ठी में बोल रही थी। डॉ. नागर|ा ने आधुनिक जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों का आध्यात्मिक स्तर पर समाधान बताया। संगोष्ठी के दूसरे दिन शनिवार को ऑल इंडिया इंस्टिटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेस दिल्ली की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमा जयसुंदर ने आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य विज्ञान के रिश्ते को समझाया।
उन्होंने कहा वर्तमान में बीमारियां बढ़ रही हैं। दवाओं की कीमतें भी बढ़ रही हैं। यहां तक कि अब स्वास्थ्य की परिभाषा भी बदल गई है। स्वास्थ्य की पुरानी परिभाषा के अनुसार वो व्यक्ति स्वस्थ कहलाता था जाे बीमारियाें से पूरी तरह मुक्त हो। अब स्वस्थ व्यक्ति की परिभाषा में शरीर के साथ मन को भी शामिल किया गया है। आयुर्वेद के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह जीवन का विज्ञान है। आयुर्वेद में तन और मन दोनों की चिकित्सा पर जोर दिया गया है।
अध्यात्म ही है अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी
डॉ. माधवन नायर
संगोष्ठी को संबोधित करते डॉ. शांतनु भट्टाचार्य।
इसी सत्र में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस कोलकाता के प्रोफेसर डॉ. शांतनु भट्टाचार्य ने हेल्थकेयर में अध्यात्म की भूमिका पर कहा कि आध्यात्मिकता आस्थाओं और मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी अध्यात्म ही है। उन्होंने कहा कि भारत आस्थाओं, पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं का देश है। इनका हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। प्रबंधन विज्ञान व अध्यात्म विषय पर केंद्रित अन्य सत्र में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरू के प्रोफेसर डॉ. केबी अखिलेश ने कहा कि प्राचीन विज्ञान में आयुर्वेद और योग द्वारा स्वस्थ रहने वैज्ञानिक आधार बताया गया है।
इसरो के पूर्व अध्यक्ष का व्याख्यान अाज
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान भारती नई दिल्ली और स्वामी विवेकानंद योग व अनुसंधान संस्थान बेंगलुरू द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी के आखिरी दिन रविवार को होने वाले कार्यक्रम में इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जी माधवन नायर का व्याख्यान होगा। वेदांत और आधुनिक भौतिकी विषय पर वे अपने विचार व्यक्त करेंगे।