मॉडल पंचायत भवन में ताला
झिरनिया ग्राम पंचायत में चार साल पहले आधुनिक तकनीक प्री-फेब्रिकेटेड स्ट्रक्चर से मॉडल पंचायत भवन बनाए गए। लोक निर्माण विभाग ने इस पर 32 लाख रुपए खर्च किए। हश्र यह कि, दो बैठकों के बाद से ही दीवारों में दरारें आ गई। छत की फाल्स सीलिंग भी टूट गई। पंखा गिरने की कगार पर पहुंच चुका है। नतीजा, भवन में ताला लगा हुआ है। इसका उपयोग ही नहीं हो पा रहा है।
जर्जर हो चुके भवन को बनाने में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत तत्कालीन सरपंच कल्लोबाई ने पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत के अफसरों से की। बावजूद इसके न तो भवन को देखने कोई अफसर पहुंचे और न ही इसकी मरम्मत कराई गई। वर्तमान सरपंच का कहना है कि भवन होने के बाद भी पंचायत का रिकॉर्ड घर में रखना पड़ रहा है। पंचायत से जुड़े सारे काम सरपंच अपने घर से संचालित कर रहे हैं।
चार साल में कोई देखने नहीं पहुंचा
सरपंच लक्ष्मी प्रीतम सिंह का कहना है कि दर्जनों बार मॉडल पंचायत भवन को लेकर अफसरों को शिकायत की गई। चार साल में भी कोई अफसर भवन को देखने नहीं आया है। अब कलेक्टर निशांत वरवड़े से मुलाकात कर भवन में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी देंगे। रहवासी मुकेश कुशवाहा का कहना है कि बारिश में भवन में पानी भर जाता है। बीपीएल कार्ड या जमीन का कोई मामला, इसके लिए परेशान होना पड़ता है।
पांच लाख का भुगतान रोक दिया गया है
एलएनटी कंपनी ने पंचायत भवन बनाया था। भवन की घटिया क्वालिटी की जांच कराई जा रही है। पांच लाख रुपए भुगतान भी रोक दिया गया है। वर्तमान सरपंच द्वारा की गई शिकायत के आधार पर कार्रवाई चल रही है। कुछ दिनों के भीतर मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। सुनील कुमार श्रीवास्तव, सब इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
भवन के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिली है। इसकी कॉपी लोक निर्माण विभाग को भेज दी गई है। कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। उमेश शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत फंदा