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सिटी रिपोर्टर

5 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर सालों बाद पुराने दोस्त मिले, तो यादों का पिटारा एक बार फिर खुल गया। मौका था गांधी मेडिकल कॉलेज की दो दिवसीय री-यूनियन के पहले दिन का। जिसमें हिस्सा लेने साल 1966 बैच के 76 बैचमेट्स पहुंचे। यह इस बैच का पचासवां साल है। प्रोफेसर्स के सम्मान कार्यक्रम के बाद यादों को साझा करने का दौर शुरू हुआ। इस मौके पर भोपाल के डॉ. शंकर पाटीदार ने अपने समय का रोचक किस्सा सुनाया। वह अपने बैच के इकलौते शादीशुदा स्टूडेंट थे। वह खुद को पहले दिन से एमबीबीएस यानी \\\"मिया बीवी बच्चे समेत\\\' समझते थे। बाकी साथी उनके घर खाना खाने जाते थे। डॉ. चंद्रहास शर्मा ने वेज-नॉन वेज खाने का किस्सा सुनाते हुए हॉस्टल के पुराने दिनों को याद किया। डॉक्टर्स ने कविताएं और गीत भी पेश किए। यहां उन्होंने गुजर चुके 16 साथियों को श्रद्धांजलि भी दी। री-यूनियन में भोपाल के 45 डॉक्टर्स के अलावा अमेरिका से भी 5 पासआउट स्टूडेंट्स शामिल हुए। रविवार को सैर सपाटा में पिकनिक का आयोजन होगा।

reunion @ gmc

एल्मनाय मीट में पहुंचे 66 बैच के स्टूडेंट्स
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