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घर के काम करते-करते बनाईं कविताएं, वीर रस की कविताएं लिखना है पसंद

5 वर्ष पहले
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भोपाल. घर के काम करते-करते कविताएं लिखना किसी हुनर से कम नहीं है। कोलार सौरभ नगर में रहने वाली सरोज जडिया भी उनमें से एक हैं, जिन्होंने कविता लिखने की तालीम किसी से नहीं ली, किंतु देश भक्ति पर इन्होंने एक से बढ़कर एक कविताएं लिखी हैं।
श्रीमती जडिया विगत दो वर्ष से मंच पर रचना पाठ कर रही हैं। इन्होंने अब तक पचास से अधिक कविताएं लिखी हैं। कविताओं में सबसे अधिक कविताएं इन्होंने वीर रस की लिखी हैं।
प्रभात साहित्य परिषद से जुड़ने के बाद से अपने मन के भावों को लोगों तक पहुंचने के लिए यह मंच पर रचना पाठ करती आ रही है। गीत, गजल और कविताएं इन्होंने लिखी है। सरोज ने बताया कि इनके अंदर छुपी प्रतिभा को इनके पति शिवप्रताप जडिया ने देखा और उनके हौसला आवाजाही की वजह से आगे बढ़ पाई हैं।
सर्वश्रेष्ठ रचना पर मिला पुरस्कार
सन् 2015 दिसंबर को बेटी विषय पर लिखी रचना को परिषद द्वारा 24 जनवरी 2016 को सर्वश्रेष्ठ रचना का पुरस्कार प्राप्त हुआ। परिषद के भरत सिंह रावत, गोपेश बाजपेयी, महेश प्रताप सिंह, ममता बाजपेयी ये सभी आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मेरे जीवन में मेरे पति का सबसे बड़ा योगदान है। मेरी प्रतिभा को पहचान मेरे पति की वजह से मिली है।
अटल की कविताएं हैं पसंद
सरोज ने बताया कि उनको पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविताएं बहुत पसंद हैं।
तालियों की गूंज ने भर दी ऊर्जा
सरोज ने बताया कि सन् 2014 दिसंबर में प्रभात साहित्य परिषद के रमेश नंद ने इनको परिषद की सदस्यता दिलाई। इसके बाद रचना पाठ का अवसर मिला। पेशावर हमले पर एक दर्द भरी रचना पहली बार पढ़कर सुनाई। इस रचना को सुनकर लोगों की आंख भर गई वहीं तालियों की गडगडाहट ने मुझे आगे बढ़ने के लिए मुझ में ऊर्जा भर दी। सरोज ने बताया कि इसके अवाल उन्होंने कई छोटी - छोटी कविताएं व लघु कथाएं भी लिखी हैं, जो समसामयिक विषयों पर आधारित हैं। इनको लिखने की प्रेरण मुझे अपने पति से मिली है।
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