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प्यून की नौकरी के लिए खड़े हैं इंजीनियर, इनकी जगह ITI खोलो : शिवराज

रोजगार की पढ़ाई, चले आईटीआई | मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग कॉलेजों पर किए तीखे कटाक्ष।

Dainik Bhaskar

May 12, 2017, 06:46 AM IST
I have an engineering college stop, open ITI: Shivraj
भोपाल. ‘रोजगार की पढ़ाई, चलें आईटीआई’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर जमकर कटाक्ष किए। शुरुआत उन्होंने आईटीआई से की।
सीएम ने किस्सा सुनाते हुए कहा कि पहले किसी आईटीआई में जाओ तो बाबा आदम के जमाने के उपकरण मिलते थे। तीन ट्रेड थे। जब हर तीन साल में जरूरत बदलती है तो ट्रेड क्यों नहीं? अब उसी की ट्रेनिंग होगी। अब छल-धोखा नहीं चलेगा। सब जानते हैं कि इतने इंजीनियरिंग कॉलेज खुल गए कि लाखों इंजीनियर तैयार हो गए। देखता हूं कि भृत्य की नौकरी के लिए वो लाइन में खड़े हैं। ऐसे इंजीनियरिंग कॉलेजों का क्या करेंगे, जहां से कुशल या दक्ष लोग नहीं निकलें। इसीलिए इंजीनियरिंग कॉलेज संकट में हैं। मैं तो ऑफर देता हूं कि इंजीनियरिंग कॉलेज बंद करके वे आईटीआई शुरू करें। ज्यादा सफल होंगे। मप्र में आईटीआई की सीटें जो अभी दो लाख है, बढ़ जाएंगी। ‘रोजगार की पढ़ाई, चलें आईटीआई’ कार्यक्रम का प्रदेशभर में लांच हुआ। यह 11 मई से 30 जून तक चलेगा।
गोविंदपुरा स्थित आईटीआई में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इसमें केंद्रीय कौशल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूड़ी और राज्य के कौशल विकास व तकनीकी शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दीपक जोशी भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि संभागीय मुख्यालयों में 10 एक्सीलेंस आईटीआई खोली जाएंगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपए हर आईटीआई को दिए जाएंगे। मप्र नंबर एक बनेगा। वैसे भी मप्र को नंबर एक रहने की आदत है। चाहे कृषि का विषय हो या स्वच्छता का। रूड़ी ने कौशल विकास के क्षेत्र में मप्र के काम को अन्य राज्यों से बेहतर तो बताया, साथ ही यह भी कहा कि राज्य की शासकीय 122 आईटीआई ने ग्रेडिंग करा ली, लेकिन 797 निजी क्षेत्र की आईटीआई में से सिर्फ तीन ने ग्रेडिंग कराई है। यह ठीक नहीं है। इस समय 25 लाख कैमरा पर्सन, 3 लाख ड्राइवर और 10 लाख सिक्यूरिटी के लोग चाहिए। आईटीआई इसकी पूर्ति कर सकती है। बशर्ते युवाओं को सही ट्रेनिंग मिल जाए तो वो 30 हजार से 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं। फौज से रिटायर होने वालों को आईटीआई में बुलाकर ट्रेनिंग कराई जाएगी। रूड़ी ने यह भी बताया कि 8वीं के बाद दो साल आईटीआई या 10वीं के बाद दो साल आईटीआई करने वालों को क्रमश: 10वीं व 12वीं के समकक्ष माना जाएगा। इंडस्ट्री से बात कर रहे हैं, पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की वहां ट्रेनिंग होगी। विभाग की प्रमुख सचिव कल्पना श्रीवास्तव ने विभाग की उपलब्धियां बताईं।
मुख्यमंत्री ने की घोषणा
250 दिव्यांगों को इस साल लेपटॉप दिए हैं। अगले साल 1000 को देंगे।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में महिलाओं को पुरुष के मुकाबले ब्याज में एक फीसदी की ज्यादा राहत दी जाएगी।
आईटीआई के छात्रों को लोन में प्राथमिकता दी जाएगी।
भोपाल में 600 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय स्किल पार्क बनेगा।
डेढ़ लाख लोगों की ट्रेनिंग के लिए एनएसडीसी, डीटीई, डीएसडी, क्रिस्प, आईजीटीआर, चित्रकूट विवि, आईआईएफएम, आईआईएसईआर एवं एटीडीसी के साथ एमओयू किया गया है।
राज्यों में खोलेंगे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल : रूड़ी
रूड़ी ने कहा कि हर राज्य में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल खोले जाएंगे। उन्होंने यह बात ‘ज्वाइन हैंड्स फॉर स्किलिंग मध्यप्रदेश’ पर हुई कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि काम के लिए विदेश जाने वाले युवाओं को प्री-डिपार्चर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें दूसरे देशों के कानून व नियमों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही अब नई आईटीआई भी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर ही खुलेंगी। दीपक जोशी ने बताया कि भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क के लिए 44 एकड़ जमीन चिन्हित की जा चुकी है। कार्यशाला में ब्रिटिश काउंसिल और संचालक कौशल विकास के बीच ट्रेनिंग के लिए एमओयू हुआ।
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