भोपाल. लव गुरू का तमगा तो कई को हासिल है, लेकिन प्रेम के इजहार के दिन अर्थात 14 फरवरी वैलेंटाइंस-डे के दिन पैदा हुए इस शख्स को मैरिज गुरु माना जाता है। प्रेम से लोग इन्हें शादीलाल गठजोड़े भी कहते हैं।
60 वर्षीय पं. रामेश्वर शर्मा का जन्म 14 फरवरी 1956 को हुआ। वे वर्ष 2015 में मध्यप्रदेश पुलिस वायरलेस से सेवानिवृत्त हुए हैं। पंडितजी अब तक लगभग 50 हजार से अधिक युवक-युवतियों के रिश्ते पक्के करवा चुके हैं।
इसकी शुरुआत उन्होंने वर्ष 1974 से की थी, जब पंडित रामेश्वर शर्मा का विवाह भी नहीं हुआ था। उन्हें आज भी याद है कि सबसे पहले उन्होंने शिवपुरी निवासी राजाराम की बातचीत करवाई थी। रामेश्वर शर्मा ने बताया की उनके दादा और पिता कहते थे कि शादी के लिए किसी का रिश्ता जुड़वाना तीर्थ यात्रा के समान होता है।
परिजनों के डर से विवाह नहीं
उन्होंने बताया कि उनके पास कई प्रेमी युगल ऐसे आए, जो अपने परिजनों के डर से विवाह नहीं कर पा रहे थे। वे उनका बायोडाटा और फोटो ले लेते थे। इसके बाद उनके माता-पिता से मुलाकात करवाने के बाद उनका विवाह भी करवाया। इस समय उनके पास 20 हजार से अधिक अविवाहित युवक-युवतियों के फोटो और बायोडाटा हैं। पं. रामेश्वर शर्मा की पत्नी श्यामलता भी इस कार्य में मदद करती हैं। उन्हें लोग मैरिज गुरु के नाम से पुकारते हैं।
अनेक सम्मान से नवाजा गया
पं. रामेश्वर शर्मा को 20 से अधिक सम्मान मिल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्था रेड-एंड व्हाइट ने सम्मानित कर हू-इज-हू-बुक में रामेश्वर शर्मा का नाम प्रकाशित किया गया है। आक्सफोर्ड डिक्शनरी ने भी सबसे अधिक रिश्ते जुड़वाने के लिए उन्हें प्रशंसा-पत्र दिया है।