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मेट्रोपोलिटन प्लानिंग कमेटी पर कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, PIL है दायर

5 वर्ष पहले
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भोपाल/जबलपुर.  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर मांग की गई है कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को भंग कर उनकी जगह मेट्रोपोलिटन प्लानिंग कमेटी का गठन किया जाए। अधिवक्ता विजय सोनी ने याचिका में बताया कि दो दशक पूर्व संविधान में 74वां संशोधन किया गया था।
 
इसमें यह प्रावधान था कि 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में मेट्रोपोलिटन प्लानिंग कमेटी बनाई जाए, जो विकास योजनाएं बनाकर उस पर अमल करेंगी। इस संशोधन में विकास प्राधिकरणों को भंग करने का प्रावधान किया गया था। इसके बाद कुछ राज्यों ने इस पर अमल किया। याचिका में कहा गया कि मध्यप्रदेश में इस पर अमल नहीं किया गया। इस संशोधन के तहत प्रदेश में संचालित विकास प्राधिकरण अवैध रूप से संचालित हैं जिन्हें भंग किया जाना चाहिए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन और जस्टिस अंजुली पालो की खंडपीठ ने नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, भोपाल विकास प्राधिकरण, इंदौर विकास प्राधिकरण, जबलपुर विकास प्राधिकरण, ग्वालियर विकास प्राधिकरण और उज्जैन विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 
 
 
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