टीकमगढ़ में पुलिस की बर्बरता, किसानों को लॉकअप में कपड़े उतरवाकर पीटा / टीकमगढ़ में पुलिस की बर्बरता, किसानों को लॉकअप में कपड़े उतरवाकर पीटा

किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया।

Oct 04, 2017, 01:16 AM IST
पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसानों को कपड़े उतारकर पीटा। पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसानों को कपड़े उतारकर पीटा।
टीकमगढ़. जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए मंगलवार को किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग कर रहे किसानों की पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ देर बाद आंदोलन से वापस लौट रहे किसानों से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस ने रोक लीं उन्हें देहात थाने ले गए। दुनातर से आए किसान रतिराम ने बताया कि हम लोग प्रदर्शन से गांव लौट रहे थे, तभी पुलिस ने रोक लिया और थाने ले जाकर जमकर पीटा। करीब एक घंटे बाद पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह ने समर्थकों के साथ थाने जाकर किसानों को छुड़ाया। क्या है मामला...

- मंगलवार को कांग्रेस ने टीकमगढ़ में खेत बचाओ- किसान बचाओ आंदोलन आयोजित किया था। इसी दौरान कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की गई।
- कांग्रेस नेता और किसान कलेक्टर को ज्ञापन देने की बात पर अड़े थे, लेकिन कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल 45 मिनट तक अपने दफ्तर ने नीचे नहीं उतरे। इस दौरान हालात लगातार बिगड़ते चले गए। देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई और पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
- हादसे में करीब तीन दर्जन से ज्यादा किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए। कलेक्टोरेट के बाहर मुख्य सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी, पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह, कांग्रेस महासचिव बृजेंद्र सिंह, खरगापुर विधायक चंदा सिंह गौर सहित कांग्रेसी नेता और किसान आए थे।
- करीब डेढ़ घंटे चली मंचीय सभा के बाद नेता अौर किसान ज्ञापन देने कलेक्टोरेट की ओर बढ़े। सिविल लाइन रोड होते हुए दोपहर 3 बजे किसान कलेक्टोरेट पहुंचे। जहां पुलिस ने प्रशासन ने गेट पर ही मोर्चा संभाल रखा था।
- नेताओं आैर किसानों को बाहर रोकने के लिए बेरीकेड्स लगाकर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इस बीच कुणाल चौधरी सहित युवक कांग्रेस कार्यकर्ता बेरीकेड्स पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह, बृजेंद्र सिंह राठौर ने कलेक्टोरेट के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक लिया।
- प्रशासन ने एसडीएम आदित्य सिंह को ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचाया, लेकिन कांग्रेसी कलेक्टर को ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए। एएसपी राकेश खाखा से बातचीत के बाद प्रमुख नेताओं को कलेक्टोरेट के अंदर जाने की इजाजत दी गई।
- कार्यालय के गेट पर पहुंचकर कांग्रेसियों ने कलेक्टर को नीचे बुलाने की बात कही, लेकिन कलेक्टर नीचे आने को तैयार नहीं हुए। कांग्रेसियों ने गेट पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 45 मिनिट तक वे कलेक्टर के इंतजार में बैठे रहे। इसके बाद कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल नीचे उतरे और गेट पर कांग्रेसियों से ज्ञापन लिया।
कलेक्टर ने 45 मिनट तक इंतजार करवाया, इसलिए बिगड़े हालात
- कांग्रेसी कलेक्टर को ज्ञापन देने की मांग करते रहे, लेकिन वे अपने दफ्तर से नीचे नहीं उतरे। जबकि गेट पर केवल 8-10 कांग्रेसी ही ज्ञापन देने गए थे।
- इस बीच एडीएम आदित्य सिंह, एएसपी राकेश खाखा कांग्रेसी नेताओं से कलेक्टर चैंबर में चलकर ज्ञापन देने की बात करते रहे।
- कांग्रेसी इस बात के लिए राजी नहीं हुए, वे गेट पर ही धरना देकर बैठ गए। करीब 45 मिनट तक कांग्रेसी गेट पर उनके इंतजार में बैठे रहे। आखिरकार कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल को नीचे आना पड़ा।
पूछताछ के लिए बुलाया था
- एसपी का कहना है कि किसानों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। यदि लॉकअप में इस तरह की घटना हुई तो जांच कराई जाएगी।
एक भी किसान घायल नहीं हुआ
- कलेक्टर के मुताबिक, प्रदर्शन में एक भी किसान घायल नहीं है। मैंने जांच के लिए एसडीएम को मौके पर भेजा था।

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पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े।
किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया। किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया।
खेत बचाओ- किसान बचाओ आंदोलन आयोजित किया था। खेत बचाओ- किसान बचाओ आंदोलन आयोजित किया था।
पत्थरबाजी  के बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
तीन दर्जन से ज्यादा किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए। तीन दर्जन से ज्यादा किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
किसानों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। किसानों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
Police brutality in Tikamgarh, farmers beaten
Police brutality in Tikamgarh, farmers beaten
Police brutality in Tikamgarh, farmers beaten
Police brutality in Tikamgarh, farmers beaten
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पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसानों को कपड़े उतारकर पीटा।पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसानों को कपड़े उतारकर पीटा।
पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े।पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े।
किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया।किसानों ने कांग्रेस के साथ आंदोलन किया।
खेत बचाओ- किसान बचाओ आंदोलन आयोजित किया था।खेत बचाओ- किसान बचाओ आंदोलन आयोजित किया था।
पत्थरबाजी  के बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
तीन दर्जन से ज्यादा किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए।तीन दर्जन से ज्यादा किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
किसानों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।किसानों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
Police brutality in Tikamgarh, farmers beaten
Police brutality in Tikamgarh, farmers beaten
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