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200 km प्रतिघंटे की रफ्तार वाले बर्फीले तूफान में बिताए 6 घंटे

5 वर्ष पहले
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भोपाल. पृथ्वी के दक्षिणी छोर पर स्थित अंटार्कटिका में सियाचिन की तरह ही बर्फीले तूफान और खून जमा देने वाली ठंड पड़ती है। यहां शहर के डॉ. प्रकाश खातरकर अपनी रिसर्च के सिलसिले में 14 महीनों तक रहे हैं। कैसा होता है अंटार्कटिका में जीवन...
सिर्फ वैज्ञानिक ही रिसर्च करते हैं
खातरकर बताते हैं कि ‘पृथ्वी का साउथ पोल अंटार्कटिका में है। यहां तापमान माइनस 55 से 89 डिग्री तक होता है। सामान्य व्यक्ति को वहां जाने की अनुमति नहीं है। सिर्फ वैज्ञानिक ही वहां रिसर्च के लिए जाते हैं। मैं वहां आयन मंडल में संचार की संभावनाओं पर रिसर्च करने गया था। वहां छह महीने दिन और छह महीने रात होती है। जहां देखो, बर्फ ही बर्फ। अंटार्कटिका जाने से पहले हिमालय की बर्फ में ट्रेनिंग दी जाती है। अंटार्कटिका में सभी देशों ने अपने-अपने बेस कैंप बनाए हैं।
टेंट से बाहर निकलना खतरनाक
हम अमूमन इसी बेसकैंप में रहते हैं। मगर कभी-कभी रिसर्च के लिए दूर जाने पर टेंट में भी रहना पड़ता है। अंटार्कटिका की ठंड सूखी होती है, यहां कंपकंपी नहीं छूटती बल्कि शरीर में दर्द होता है।
टेंट के बाहर निकालना हमेशा खतरनाक रहता है। हम रशियन कैंप में एक बार विक्ट्री डे सेलिब्रेशन के लिए गए थे। आते वक्त तूफान में फंस गए। रास्ता बताने वाला जीपीएस भी खराब हो गया।
6 घंटे फंसे रहे बर्फ के तूफान में
200 किमी की रफ्तार की बर्फ से भरी सर्द हवा से दिखना बंद हो जाता है। 6 घंटे तक हम तूफान में फंसे रहे। वे 6 घंटे मैंने कैसे गुजारे ये बयां करना नामुमकिन है। एक एक पल साल जितना लंबा लग रहा था। यही ख्याल आ रहा था कि अगर, तूफान न थमा तो ये पल जिंदगी के आखिरी पलों में तब्दील हो जाएंगे। कोई नहीं कह सकता कि तूफान कब बंद होगा। अगर कुछ घंटे और फंसे रहते तो शायद हम वहां से कभी निकल नहीं पाते। जब वह बंद हुआ तो जैसे-तैसे अपने कैंप तक पहुंचे।
ठंड से बचने के लिए सियाचिन जैसी तैयारी
बेसकैंप के अंदर का तापमान हीटर और बायलर की मदद से कभी-कभी 5 डिग्री तक आ जाता है। ट्रेनिंग में इस बात की सख्त हिदायत दी जाती है कि यदि दस मिनट के लिए भी बेस कैंप से बाहर जा रहे हैं तो दो दिन का खाना अपने साथ लेकर जाएं। ठंड से बचने के लिए सियाचिन के जवानों के जैसे ही कपड़े, जूते और ग्लव्ज दिए जाते हैं। अंटार्कटिका जाने से पहले एम्स में पांच दिनों के सघन मेडिकल चेकअप से गुजरना पड़ता है।
आगे की स्लाइड्स में देखें, किस तरह के हालात होते हैं अंटार्कटिका में...
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