आखिर क्या है भोजशाला का इतिहास
- कहते हैं कि राजा भोज देवी सरस्वती के उपासक थे।
- उन्होंने धार में 1034 ईस्वी में भोजशाला के रूप में एक भव्य पाठशाला बनवाकर उनकी प्रतिमा स्थापित की।
- कुछ इतिहासकारों के मुताबिक, 1305 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी ने भोजशाला को ध्वस्त कर दिया।
- बाद में दिलावर खां गौरी ने 1401 ईस्वी में भोजशाला के एक भाग में मस्जिद बनवा दी।
- 1514 ईस्वी में महमूद शाह खिलजी ने शेष भाग पर भी मस्जिद बनवा दी।
- अंग्रेजी राज से यहां विवाद की स्थिति बन गई, जो आजादी के बाद लगातार तेज होती गई।
विवादित स्थल में मंदिर-मस्जिद ही नहीं, किले और महल भी
विवादित स्थलों में सिर्फ मंदिर-मस्जिद ही नहीं हैं। कई महल और किले भी हैं। हालांकि, इन्हें लेकर दो पक्षों के बीच का दावा जबानी ज्यादा है। धार के भोजशाला विवाद के मौके पर dainikbaskar.com बता रहा है देश के 10 ऐसे ही स्थलों के बारे में, जिन्हें लेकर अक्सर बड़े विवाद सामने आते रहते हैं।
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