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यहां नहीं ट्रैफिक नियमों की फिक्र

7 वर्ष पहले
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संत हिरदाराम नगर भास्कर. भोपाल

संत हिरदाराम नगर में ट्रैफिक नियमों का कोई झंझट नहीं है। हेलमेट चैकिंग और ही वाहन चालकों को रोका-टोका जाता है। वाहन मालिक आराम से ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते निकल हो जाते हैं। क्योंकि उपनगर में पुलिस प्रशासन या ट्रैफिक पुलिस इस ओर ध्यान नहीं देती हैं। जबकि इसके उलट भोपाल में वर्तमान में ट्रैफिक को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है।

लालघाटी से लेकर सीहोर नाके तक वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को धता बताकर खूब धज्जियां उड़ाते हैं। क्योंकि इस क्षेत्र में कोई रोकने वाला है और ही टोकने वाला। इसका फायदा वाहन मालिक खूब उठा रहे हैं। टू व्हीलर पर तीन-चार सवारियां बैठे लोग आसानी से देखे जा सकते हैं। वहीं हेलमेट लगाए तो कोई दिखता ही नहीं है। वैसे उपनगर के मुख्य मार्ग से संत कंवरराम चौराहा, थाने के सामने, सीहोर नाके पर पुलिस बल तो तैनात रहता है। पुलिस वैन भी खड़ी रहती है, लेकिन ये बल ट्रैफिक नियमों की उड़ती धज्जियों को नजरअंदाज करता रहता है, जिसका ही कारण है कि संतनगर में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। जिसकी जहां मर्जी होती है, वहां वाहन खड़ा कर देता है और जिसकी जैसी मर्जी वैसा जा रहा है।

पुलिसबल की कमी

बैरागढ़थाने में पुलिस बल की कमी को भी इसका एक कारण माना जाता है। अब जबकि क्षेत्र में पुलिस बीट व्यवस्था भी लागू हो गई है। ऐसे में ये आसार भी नहीं लग रहे हैं कि भविष्य में यहां पर पुलिस चैकिंग होगी। ट्रैफिक व्यवस्था ऐसे ही बिगड़ती जाएगी। पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में पुलिस चैकिंग ही नहीं हुई। खानापूर्ति के लिए कभी-कभार मुख्य मार्ग पर पुलिस खड़ी होकर वाहनों को रोककर चैकिंग करती है, जिसका ट्रैफिक व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं होता।

लोगउठा रहे हैं सवाल

लोगसवाल उठते हैं कि क्या संतनगर भोपाल से अलग है। भोपाल के ट्रैफिक नियम संतनगर में लागू नहीं होते। एक तरफ जहां भोपाल के हर चौराहे, हर मार्ग पर पुलिस कभी हेलमेट चैकिंग के नाम पर तो कभी ट्रैफिक के नाम पर वाहन चालकों को रोकती है। वहीं संतनगर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इसकी बानगी लालघाटी से ही प्रारंभ हो जाती है। कहना चाहिए कि लालघाटी तक ही ट्रैफिक नियमों का क्षेत्र है। इसके अलावा कई बार तो भारी वाहनों का प्रवेश भी यहां की ट्रैिफक पुलिस की सुस्ती का राज खोल देती है। इस रास्ते में भा