मेंटेनेंस के चलते बहा लाखों लीटर पानी
शहर के साथ ही कोलार से लेकर कजलीखेड़ा क्षेत्र के लोगों को भी हुई परेशानी
एक तरफ कोलार क्षेत्र के रहवासी कोलार डेम के पानी के लिए तरस रहे हैं। दूसरी तरफ उसी डेम की पाइप लाइन से लाखों लीटर पानी पिछले दिनों हुए मेंटेनेंस के काम के चलते बेकार बह गया। दरअसल, कोलार लाइन में लीकेज सुधार के काम के लिए निगम ने लाइन को खाली किया था। उसके लिए कजलीखेड़ा में स्थित एयर वाॅल्ब को खोला गया था। उसमें से मोटी धार से लाखों लीटर पानी निकला और पाइप लाइन के पास वाली जगह पर भर गया। इस मेंटेनेंस के काम के चलते कोलार लाइन से पानी सप्लाई दो-तीन दिन ठप रही। इस वजह से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ ही कोलार में रहने वाले सैकड़ों वो लोग भी परेशान हुए, जो रोज कोलार लाइन के लीकेज से पीने का पानी भरकर ले जाते हैं। यही नहीं, कजलीखेड़ा, थुआखेड़ा के लोगों को भी दो-तीन दिन पानी के लिए मुसीबत उठानी पड़ी। क्योंकि इन दोनों गांवों में ज्यादातर घरों में बोरिंग नहीं हैं। इनमें रहने वाले लोग पीने के पानी के लिए कोलार लाइन के लीकेज पर निर्भर रहते हैं।
पाइप लाइन पर लग रहीं दुकानें
इधर, भूमिगत स्थित कोलार लाइन पर अतिक्रमण जारी है। सर्वधर्म में कलियासोत नदी पर बने पुल से लेकर भोज मुक्त विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बीच स्थित कोलार लाइन कतारबद्ध रूप से दर्जनों दुकानें लग रही हैं। उनमें आने वाले वाहन पाइप लाइन के ऊपर ही पार्क हो रहे हैं। इस जगह पर पाइप लाइन फूटने या उसमें लीकेज होने पर बड़ा हादसा होने का खतरा है। इस मामले को लेकर कोलार फुटकर व्यापारी संघ ने क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा, कलेक्टर निशांत बरवड़े, नगर निगम के आयुक्त तेजस्वी एस नायक और महापौर कृष्णा गौर को ज्ञापन के माध्यम से अवगत किया है। सबने उचित कार्रवाई का आश्वासन तो दिया है पर कोई एक्शन नहीं हुआ।