14 साल बाद भी नहीं सड़क, पानी की कमी
पुराने शहर के पंडित लक्ष्मी नारायण शर्मा कृषि उपज मंडी से लगी फिजा कॉलोनी के रहवासी कई समस्याओं से घिरे हैं। उन्हें तो बेहतर सड़क मिली और ही पानी और अन्य सुविधाएं। रहवासी इसकी शिकायत जनप्रतिनिधि से लेकर नगर निगम के आला अफसरों को भी कर चुके हैं, लेकिन सिवाए आश्वासन के लोगों को कुछ नहीं मिला। जगह-जगह गंदगी और जल भराव के बीच लोग जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
रहवासी ग्यासउद्दीन अहमद के अनुसार यहां आवागमन के लिए सड़कें तक नही हैं। पैदल चलना तक दूभर है। काली मिट्टी और गड्ढे परेशानी का सबब बने हुए हैं। जानलेवा हो चुकी सड़कों के निर्माण में जनप्रतिनिधियों ने भी रुचि नहीं दिखाई।
बारिशमें दिक्कत
हिशामउद्दीनका कहना है कि बारिश में हालात बिगड़ जाते हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है।
होती है बिजली कटौती
रहवासीइजहार अहमद ने बताया कि बिजली कटौती कई घंटों तक रोजाना हो रही थी, लेकिन बिजली कंपनी के उपकेन्द्र में शिकायत करने के बाद कुछ राहत मिली है। अक्सर बिजली कंपनी के कॉल सेंटर्स पर संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। अचानक बिजली गुल होने और तेज वोल्टेज के साथ आने से घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो चुके हैं।
पानीकी परेशानी
कॉलोनीमें पेयजल प्रदाय के लिए ओवरहेड टैंक नहीं है। लोगों को अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। अधिकांश लोग टैंकर का पानी खरीद रहे हैं। नगर निगम और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से यहां के रहवासी खासे नाराज हैं। नर्मदा जल के लिए पाइप लाइनें जरूर बिछाई गई हैं, लेकिन जल प्रदाय शुरू नहीं हुआ।
^कॉलोनीमें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। सड़क, बिजली और पानी की सुविधा तो मिलना ही चाहिए। मोशाहरुख खान, अध्यक्ष,मोहल्ला विकास सुधार समिति
आवासों की संख्या
300
आबादी
1600
स्थापित मोहल्ला
2000
करोंद स्थित फिजा कॉलोनी के रहवासियों को पंद्रह साल बाद भी सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलीं। यहां के परिवार गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। रहवासियों का कहना है कि इस कॉलोनी की उपेक्षा लंबे समय से हाे रही है। यही कारण है कि बदहाली का आलम है...
फिजा कॉलोनी में सड़क के नाम पर गंदगी और कीचड़ है। पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है।
एक नजर में