दो पद खाली, कई केस पेंडिंग
भोपालसंभाग के एडिशनल कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर के पद पिछले आठ महीने से रिक्त हैं। दाेनों पद संभाग की जनता से सीधे जुड़े हुए हैं। इस कारण पूरे संभाग के राजस्व प्रकरणों की संख्या बढ़कर साढ़े पांच हजार तक हो गई है। गौरतलब है कि उर्मिला शुक्ला डिप्टी कमिश्नर राजस्व का जनवरी, 2014 में और फरवरी 2014 में एडिशनल कमिश्नर उर्मिल मिश्र का न्यायालय का ट्रांसफर हुआ। इसके एक माह पहले डिप्टी कमिश्नर राजस्व उर्मिला शुक्ला का भी तबादला हो गया। इस तरह दो माह में उपरोक्त दोनों पद खाली हो गए। जिसे भरने की जहमत अब तक नहीं उठाई गई है। इस दौरान लगभग 100 से अिधक आईएएस और डिप्टी कलेक्टरों के तबादले हुए, फिर भी इन दोनों पदों को भरने की सुध किसी को नहीं आई। इस अव्यवस्था के चलते लंबे अरसे से राजस्व प्रकरणों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। जिलों से अपील के लिए आए प्रकरण के निराकरण हेतु भी पक्षकार कमिश्नर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
सैकड़ोंलोग लौट जाते हैं
हास्यास्पदबात तो यह है कि राजधानी में दो महत्वपूर्ण पद आठ महीने से खाली हैं, लेकिन प्रदेश भर की अफसरशाही पर नियंत्रण रखने वाले महकमे को इसकी जरा भी फिक्र नहीं है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा और रायसेन जिलों के हजारों पक्षकार सुनवाई हाेने से त्रस्त हैं।
जो आएगा, उसके लिए मुसीबत
संभागीय कार्यालय के दोनों महत्वपूर्ण पद खाली होने पर भोपाल के संभाग आयुक्त एसबी सिंह ने सामान्य प्रशासन विभाग को अगस्त में पत्र भी लिखा। पिछले दिनों उनका भी अचानक ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन दूसरे ही दिन शासन ने इनके ट्रांसफर आदेश को निरस्त कर दिया। वकीलों का मानना है कि करीब सात साल पहले शासन ने यहां उर्मिल मिश्र को पदस्थ किया था। वे छह साल तक यहां पदस्थ रहीं। शासन शायद पहले उनका ट्रांसफर करना भूल गया था और जब ट्रांसफर कर दिया तो यहां किसी अन्य को पदस्थ करना भूल गया।
उनसे बात करें
प्रमुखसचिव कार्मिक से बात करना उचित होगा। मैं जीएडी जनरल देखता हूं। पोस्टिंग मुख्य सचिव देखते हैं। जैसे-जैसे हो रहा है, वैसे कर रहे हैं। यह प्रकरण सबको मालूम है, शीघ्र ही यह पदास्थापना हो जाएगी
के.सुरेश, प्रमुखसचिव, जीएडी