बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
शहीदनगर, करबला निवासी फहीमुद्दीन सिद्दीकी चाय की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि मेरा ख्वाब था कि बच्चे को अच्छे स्कूल में पढ़ाऊं। ईस्टर्न पब्लिक स्कूल में बताया गया कि यह स्कूल इंटरनेशल स्तर का है। इसकी फीस भी कम है। यह जान हमने बच्चे को प्रवेश दिला दिया। लेकिन बाद में असलियत कुछ और निकली। इस मामले की शिकायत हमने कलेक्टर, एसपी और जिला शिक्षा अधिकारी से की है। स्कूल से जो मार्कशीट और टीसी दी गई है उसके आधार पर शहर के अन्य बड़े स्कूल में एडमिशन भी नहीं हो रहा है।
अचानकबढ़ाई फीस
जबफहीमुद्दीन ने बच्चे का दाखिला करवाया था, तब उन्हें स्कूल संचालक ने आश्वासन दिया था कि कक्षा के हिसाब से 50 से लेकर 100 रुपए वार्षिक फीस बढ़ाई जाएगी। शुरुआत के वर्षों में तो थोड़ी-बहुत फीस बढ़ाई, लेकिन वर्ष 2010 से 1000 से फीस बढ़ाकर 3000 रुपए माह कर दी गई।
इल्जाम बेबुनियाद हैं
स्कूलसे संबंधित जो आरोप लगाए गए हैं, वे सब बेबुनियाद हैं। मान्यता नहीं मिलने के कारण एमडी हाईस्कूल से परीक्षा दिलवाई गई। स्कूल आईबीओ (इंटरनेशनल बैकोलाॅरिएट) से संबद्ध है। इसमें करीब 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जावेदखान, एकेडमिक हेड, ईस्टर्न पब्लिक स्कूल
पेज 1 का शेष