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- ..तािक राजधानी के पर्यटन केंद्र का रोल मॉडल बने भेल
..तािक राजधानी के पर्यटन केंद्र का रोल मॉडल बने भेल
भेलराजधानी का सबसे ज्यादा खुला हुआ और हरियाली से भरपूर क्षेत्र होने के नाते इसे राजधानी का सबसे ज्यादा विकसित क्षेत्र भी बनाया जा सकता है। नगर निगम अन्य संबंधित विभागों को मिलकर एक नया प्रारूप तैयार करना चाहिए, जिससे पूरे भेल क्षेत्र को विकास की दृष्टि से राजधानी का रोल मॉडल बनाया जा सके। साथ ही इस क्षेत्र में मौजूद दर्शनीय स्थलों को भोपाल दर्शन टूरिस्ट मैप में शामिल किए जाएं। साथ ही इस क्षेत्र के सभी डेम पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हों। इसके अलावा रामगढ़ और समरधा ईको टूरिज्म का विकास किया जाए।
भेल क्षेत्र को राजधानी का रोल मॉडल बनाने से दो लाभ होंगे। एक तो आने वाले समय में यहां कई हाईराइज बिल्डिंग और बीडीए हाउसिंग बोर्ड की नई टाउनशिप बनने वाली हैं। यहां की आबादी काफी तेजी से बढ़ेगी। रियल एस्टेट में आने वाले सभी बड़े प्रोजेक्ट अब इसी तरफ रहे हैं। यही कारण है कि विकास का रोल मॉडल बनने से पूरा क्षेत्र व्यवस्थित और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकेगा।
कठोरनिर्णय लेने पड़ेंगे
भेलक्षेत्र को रोल मॉडल बनाने से पहले कई निर्णय कठोर लेना पड़ेंगे। क्योंकि स्लम एरिया काफी तेजी से यहां बढ़ रहे हैं। इन्हें अगर नहीं रोका गया तो यहां विकास के कोई खास मायने नहीं रह जाएंगे। जो भी विकास कार्य होंगे, वह इनकी आड़ के कारण दिखाईं नहीं देंगे। इन स्लम एरिया को पक्के मकान बनाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर देना चाहिए।
नएक्षेत्र भी जोड़े जाएं
भोपालदर्शन टूरिस्ट मैप में भेल क्षेत्र को शामिल करने के साथ ही राम गढ़ और समरधा ईको टूरिज्म क्षेत्र का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे पर्यटन की दृष्टि से भेल में नए क्षेत्रों को शामिल किया जा सके। इसके लिए दोनों ही पर्यटन केंद्रों के साथ सतकुंडा को जोड़ा जा सकता है, जहां चट्टानों के ऊपर शैल चित्र मिले हैं।
भेल क्षेत्र को विकास के लिए राजधानी का रोल मॉडल बनाना चाहिए। इसके लिए कार्य योजना तैयार िकया जाना जरूरी है। यह कहना है भेल के रिटायर्ड जनसंपर्क अिधकारी िवष्णु खन्ना का...
मेरे सपनों का भेलUUUB