वैकल्पिक मार्ग की है दरकार
धूल के कारण वाहन चलाना हुआ मुश्किल
कोलार रोड पर बसाहट बढ़ने के साथ ही ट्रैफिक का दबाव भी बहुत बढ़ा है। हालांकि सड़क चौड़ी हो गई हैं और पहले की तरह लगने वाला ट्रैफिक जाम अब रोज-रोज नहीं लगता है। मगर कभी-कभी रैली, यात्रा, पद यात्रा के दौरान जाम लग जाता है, तब वैकल्पिक मार्ग की जरूरत महसूस की जाती है। वैसे भी कोलार अब पहले की अपेक्षा बहुत फैल गया है। कजलीखेड़ा तक बड़ी-बड़ी कॉलोनियों बन रही हैं। उनमें जब लोग रहने आएंगे तो निश्चित ही आबादी का आंकड़ा लाखों में पहुंचेगा और वाहनों की संख्या अभी से चार गुनी हो जाएगी। तब ट्रैफिक का क्या होगा। भविष्य की उस स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए वैकल्पिक मार्ग बनाने की दिशा में अभी से काम शुरू किया जाना चाहिए।
होरही कार्रवाई और कर पा रहे समाधान
कोलारमें बीते कुछ वर्षों से जो अनियंत्रित विकास हुआ है, उससे कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। खासकर सीवेज, ड्रेनेज, जल भराव, वाहन पार्किंग की समस्या का सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित विकास ही है। नगर पालिका के अफसरों ने मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देकर नियमों को ताक पर रखकर भवनों के निर्माण की अनुमतियां दीं। अब हाल ये हो गया है कि अवैध निर्माण की वजह से रोज कोई कोई समस्या हो रही है और अफसर अवैध निर्माण नहीं तोड़ पा रहे हैं।
कोलार की कनेक्टिविटी के लिए वैकल्पिक मार्ग या समानांतर मार्ग का निर्माण किया जाना चाहिए। क्षेत्र के विकास के लिए यह नितांत जरूरी है। यह कहना है साईं नाथ नगर निवासी प्रवीण कश्यप का…
मेरे सपनों का काेलारUUUB