सर्वजन से सब जन दुखी
पॉशकॉलोनी दानिशकुंज के पास स्थित सर्वजन सोसायटी के 200 से ज्यादा परिवार इन दिनों खराब सड़कों की वजह से परेशान हैं। उनको मेन रोड तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। रास्तों मे हुए बड़े-बड़े गड्ढों और ऊबड़ खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ता है। यही नहीं, कॉलोनी में सफाई भी नहीं होती है। खाली प्लाटों में कचरा फैला रहता है। जगह-जगह पॉलीथिन पड़ी रहती हैं। सफाई की स्थिति यह है कि कई बार स्थानीय लोगों को मिलकर सफाई के लिए श्रम दान करना पड़ता है।
रहवासी बताते हैं कि कॉलोनी की इन सब समस्याओं को लेकर उन्होंने पहले नगर पालिका के दफ्तर के चक्कर काटे। अफसरों ने उन्हें आश्वासन तो दिए, लेकिन काम नहीं किया। फिर नगर निगम के कार्यालय में भी कई आवेदन दिए हैं, लेकिन उन आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से अब रहवासियों का स्थानीय प्रशासन पर से भरोसा उठता जा रहा है।
^कॉलोनी के ज्यादातर रास्तों पर गड्ढे हो गए हैं। उनमें सीवेज का पानी सड़कों पर बहता रहता है। बारिश होने पर कीचड़ भी हो जाता है। इस वजह से मेन रोड तक पहुंचने में मुश्किल होती है। गड्ढे, गंदे पानी से बचाकर बच्चों स्कूल बस तक छोड़ना में दिक्कत होती है। | -इंद्रागुप्ता, रहवासी
^सीवेज मेंटेनेंस और सफाई तक नहीं होती है। स्थानीय लोगों ने खुद के खर्चे पर हाल ही में सीवेज मेंटेनेंस का काम करवाया है। अब पार्षद ध्यान दें। -अजयअसनानी, रहवासी
रहवासियों ने बचाई पार्क के लिए जगह
कॉलोनीमें कोई भी विकसित पार्क नहीं है। उसके लिए जगह जरूर आरक्षित है, वो भी रहवासियों के प्रयासों के बदौलत बच पाई है। रहवासियों ने उस जगह पर फैंसिंग करवा दी है। नहीं तो उस पर भी निर्माण हो गया होता। रहवासियों को पार्क की कमी खलती है। रहवासी बताते हैं कि कॉलोनी के बच्चों के खेलने के लिए कोई जगह नहीं है। वे खाली प्लाटों मे क्रिकेट खेलते हैं। वहीं बुजुर्ग टहलने के लिए अन्य कॉलोनियों के पार्क में जाते हैं। यहां का पार्क दुरुस्त हो जाए तो बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
सर्वजन कॉलोनी की बदहाल एप्रोच रोड।
सोसायटी में आए दिन हाे रहे विवाद
सर्वजनसोसायटी के रहवासियों को तो बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं और ही मेंटेनेंस ठीक से हो रहा है। सोसायटी को लेकर आए दिन कोई कोई विवाद भी होता रहता है। हाल ही में सोसायटी की केजुअल शॉप्स के लिए आरक्षित जमीन को सहकारिता विभाग की अनुमति के बिना बेचने के मामले में सहकारिता विभाग ने संचालक मंडल के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दे दी है। संचालक मंडल ने शॉप्स की जमीन को छल लाख रुपए में बेचा। जबकि कलेक्टर गाइड लाइन में उसकी कीमत करीब 25 लाख है।