6 साल बाद भी प्रस्तावों पर नहीं अमल
रॉयलमार्केट से इमामी गेट, हमीदिया रोड, सिंधी कॉलोनी रोड को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए उप पुलिस अधीक्षक यातायात ने 5 जनवरी 10 मार्च 2009 को निगम आयुक्त को पत्र लिखकर सूचित किया, लेकिन ये समस्या अब भी जस की तस है। पुल बोगदा से बरखेड़ी होते हुए भारत टॉकीज तक डिवाइडर लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग नगर निगम आयुक्त को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया। इस पर भी अमल नहीं हुआ।
जिंसी चौराहे का दृश्य। यहां दिनभर यातायात अस्त-व्यस्त रहता है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
शहर के सभी चौराहों और तिराहों पर 100-100 मीटर चारों तरफ किसी भी तरह का निर्माण, बस स्टॉप, ऑटो स्टैंड, होर्डिंग्स, बिजली और टेलीफोन के खंभे, डीपी के निर्माण की अनुमति नहीं देने की बात पर बैठक में सहमति बनी थी, लेकिन पुराने शहर के अधिकांश चौराहों और तिराहों पर अव्यवस्था का आलम है।
सिटी प्लस रिपोर्टर. भोपाल
पुरानेशहर में तो चौराहों और तिराहों की दशा सुधरी और ही इन क्षेत्रों से ऑटो स्टैंड, होर्डिंग्स, बिजली और टेलीफोन के खंभे हटे। जबकि करीब छह वर्ष पूर्व यातायात समन्वय समिति की बैठक में इन प्रस्तावों पर अमल करने की योजना बनाई गई थी। इस संबंध में उप पुलिस अधीक्षक यातायात द्वारा तत्कालीन निगमायुक्त को पत्र लिखकर सूचित भी किया गया था। इसके बावजूद समिति के प्रस्ताव केवल कागजों तक सिमटकर रह गए। अगर इन प्रस्तावों पर अमल होता तो पुराने शहर की सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरती बल्कि, चौराहों और तिराहों का भी स्वरूप बदल जाता।
जानकारी के अनुसार 15 जून 2009 को तत्कालीन प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में यातायात समन्वय समिति की बैठक हुई थी। इसमें पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त आरटीओ द्वारा विभिन्न प्रस्ताव रखे गए थे। बैठक में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने पर सहमति बनी थी। बैठक में शामिल सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया, लेकिन पुराने शहर के अधिकांश प्रस्तावों पर अमल ही नहीं हुआ। इसमें सड़क एवं फुटपाथ पर यातायात बाधित करने वाला अतिक्रमण हटाने, फुटपाथ को काटकर सड़कों का चौड़ीकरण, रोड डिवाइडर बनाने, चौराहों और रोटरी का रखरखाव करने जैसे अहम प्रस्ताव पारित किए गए थे।
क्या कहते हैं लोग
^एक भी चौराहा व्यवस्थित नहीं है। खराब हालत हमीदिया रोड की है। ज्यादा यातायात का दबाव इसी मार्ग पर रहता है। -उदय सिंह, चांदबड़
^चौराहेऔर तिराहों पर व्यवस्था सुधरे इसके लिए कारगर कदम उठाए जाएं। ट्रैफिक सिग्नल लगाने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। -अमितकुमार, ऐशबाग
^तलैयासे इब्राहिमपुरा तक यातायात गड़बड़ रहता है। व्यवस्था सुधारने तकनीकी पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। -मुरलीविश्वकर्मा, करोंद
^आमलोगों को भी चाहिए कि वे यातायात संबंधी नियमों का पालन करें। चौराहों और तिराहों पर व्यवस्था ठीक होना जरूरी है। -साजिदआलम, बुधवारा