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स्कूलों में चलने वाले वाहनों को कर से छूट
राज्यसरकार ने स्कूलों में चलने वाले वाहनों पर टैक्स कम कर दिया है। अब तक इन बसों से हर साल 120 रुपए टैक्स लिया जाता था जिसे घटाकर 12 रुपए कर दिया गया है। कैबिनेट ने सोमवार को मप्र मोटरयान कराधान (संशोधन) अध्यादेश-2014 को मंजूरी दे दी। अभी तक बस संचालक को 51 सीटर बस का एक वर्ष में 6120 रुपए टैक्स देना होता था, अब उसे 612 रुपए ही जमा करना होंगे। इससे उसे साल में 5508 रुपए का टैक्स कम देना होगा। यानी बस संचालक को 1 सीट का प्रति महीने 1 रुपए टैक्स देना होगा।
कैबिनेट ने 15 लाख से ऊपर की कीमतों के गैर कमर्शियल वाहन की खरीदी पर एक प्रतिशत टैक्स बढ़ा दिया है। अब यह 7 से बढ़कर 8 फीसदी हो गया है। वहीं एलपीजी और सीएनजी से चलने वाले वाहनों पर सात के बजाए पांच फीसदी टैक्स लगेगा। इसके अलावा भारी वाहनों पर त्रैमासिक और वार्षिक आधार पर टैक्स लगता था अब एक ही बार वाहन खरीदी के समय चेसिस पर ही 6 प्रतिशत लाइफ टाइम टैक्स लगेगा, लेकिन अगर चेसिस पर बॉडी का निर्माण कर दिया गया है तो यह टैक्स 7 प्रतिशत हो जाएगा। इसके साथ ही वातानुकूलित और डीलक्स बसों को बढ़ावा देने के लिए कर की दरों में कमी की गई है। ग्रामीण परिवहन सेवा में लगे वाहनों के लिये उनके मूल्य के एक प्रतिशत के बराबर कर का प्रावधान किया गया है। इतनी राशि जमा करने पर उन्हें लाइफ टाइम ग्रामीण परिवहन का परमिट प्राप्त होगा।
}विवाहित पुत्री और दत्तक पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का प्रस्ताव मंजूर। }सरकार को कोर्ट में चुनौती देने वाले 7 हजार दैवेभो नियमित होंगे। समस्त दैवेभो को संवर्गीय पदों पर नियमित किया जाएगा। }कार्यभारित कर्मचारी और दैवेभो की अनुकंपा राहत राशि 1.25 से बढ़कर 2 लाख रुपए होगी। }प्रदेश में 17 नए महाविद्यालय खुलेंगे। }मुख्य मार्गों पर ओएमटी योजना लागू होगी। इसके तहत सिर्फ मालवाहक वाहनों को टोल अदा करना होगा। सवारी वाहनों से टोल नहीं वसूला जाएगा।