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मेरी उम्र राज्यपाल बनने की नहीं : सोलंकी
हरियाणाके राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने संकेत दिए हैं कि वे फिर सक्रिय राजनीति में लौट सकते हैं। सोलंकी ने सोमवार को समन्वय भवन में आयोजित अभिनंदन समारोह में कहा कि उनका जीवन विरोधाभास से भरा हुआ है। मैं इतना बूढ़ा भी नहीं कि राज्यपाल बना दिया जाऊं। सोलंकी ने बताया कि राज्यपाल बनने की सूचना भी उन्हें टीवी से मिली और वे चौंक गए। नगर निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सोलंकी ने अपने छात्र जीवन से लेकर राजनीति में प्रवेश तक के कई किस्से सुनाए, जिनमें विरोधाभास था।
कप्तान सिह सोलंकी का अभिनन्दन करते मुख्यमंत्री अन्य नेता।
कप्तान ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि शिवराज संगठन की अपेक्षाओं पर शत प्रतिशत से भी अधिक खरे उतरे हैं। सोलंकी ने कहा कि उन्होंने शिवराज को कभी मुख्यमंत्री के रूप में देखा ही नहीं। उन्होंने कहा कि यदि यह टीम ऐसे ही काम करती रही तो मप्र में भाजपा की सरकार बनी रहेगी।
मंच पर मची कुर्सी की आपाधापी
मंचपर कुर्सी को लेकर आपाधापी मच गई। पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और महापौर कृष्णा गौर के बीच गफलत हुई। दोनों ने आपस में कुर्सी बदल ली। इसके बाद सांसद आलोक संजर अपने लिए कुर्सी तलाशते रहे। वे पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बगल में बैठने पहुंचे, लेकिन वहां कुर्सी नहीं मिली। फिर वे मंत्री गोपाल भार्गव के बगल में बैठ गए। सोलंकी के अभिनंदन के लिए वे अपनी कुर्सी से उठे इस बीच मंत्री कुसुम सिंह मेहदेले मंच पर गईं और संजर की कुर्सी पर बैठ गईं। संजर के लिए दूसरी कुर्सी लगाई गई, लेकिन उन्होंने मंत्री सरताज सिंह को मंच पर बुलाया और खुद नीचे जाकर बैठ गए।