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कोलार भास्कर|भोपाल

6 वर्ष पहले
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कोलार भास्कर|भोपाल

कोलारमें गैर नियोजित तरीके से बनी कॉलोनियों के कारण पूरा क्षेत्र कांक्रीट का जंगल बन कर रह गया है। पंचायत काल से नगर पालिका के कार्यकाल के दौरान नियमों-कायदों की धज्जियां उड़ाकर कॉलोनियां बना दी गई हैं। उनमें बुनियादी सुविधाओं और ग्रीनरी का ध्यान नहीं रखा गया है, जिसका खामियाजा अब रहवासियों को भुगताना पड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में तो कोलार में तेजी से बसाहट हुई है, लेकिन विकास कार्य उस गति से नहीं कराए गए हैं। यही वजह है कि नगर पालिका को अस्तित्व समाप्त कर कोलार को नगर निगम में शामिल कर दिया गया है।

निगम के हाल ही में चुनाव भी हो गए हैं। अब निगम से लोगों को बहुत उम्मीद हैं। लिहाजा चुने गए पार्षदों को पुराने गड्‌ढे भरने के साथ ही रहवासियों की उम्मीदों का बोझ भी उठाना पड़ेगा। उन्होंने वोट मांगते समय जनता से जो भी वादे किए हैं, उन वादों को निभाकर दिखाना पड़ेगा। सिर्फ तेजी से विकास कराना होगा बल्कि व्यवस्थित तरीके से विकास करना पड़ेगा।